मरीज की शिकायत ,ब्लड नहीं मिला…सिम्स प्रबंधन ने बताया-ब्लड की कमी नहीं,परिजन प्रक्रिया तो पूरी करे…

बिलासपुर–सिम्स में भर्ती मरीज के परिजन ने प्रबंधन पर लावरवाही का आरोप लगाया है। परिजन का आरोप है कि मरीज ब्लड के लिए तड़प रहा है लेकिन उसकी आवाज ड़ॉक्टरों के कान तक नहीं पहुंच रही है।  परिजन की मानें तो सिम्स ब्लड बैंक कर्मचारी कहते हैं कि स्टाक में मात्र एक बाटल एबी पाजीटिव ब्लड है। इसलिए मरीज को बिना ब्लड डोनर के ब्लड दे पाना मुश्किल है।बताते चलें कि कोरबा से रिफर मरीज जगदीश केशरवानी सिम्स में भर्ती है। मरीज के बड़े भाई संतोष केसरवानी ने बताया कि पिछले कुछ दिनों तक अपने छोटे भाई जगदीश को कोरबा के शासकीय अस्पताल पर भर्ती किया था। इसके बाद डॉक्टरों ने  जगदीश को सिम्स बिलासपुर रिफर कर दिया। सिम्स में दाखिला के बाद डॉक्टरों ने बताया कि जगदीश को तीन यूनिट एबी पाजीटिव ब्लड की जरूरत है।सीजीवालडॉटकॉम के व्हाट्सएप्प ग्रुप से जुड़ने के लिए यहां क्लिक करे
                           मरीज के बड़े भाई के अनुसार ब्लड लेने सिम्स ब्लड बैंक गया। कर्मचारी ने कहा कि मात्र एक यूनिट एबी पाजिटीव ब्लड रह गया है। अगर ab+ ब्लड चाहिए तो ओ पॉजिटिव ब्लड के अलावा कोई भी डोनर ले आए। इसकी बाद ही ब्लड दिया जाएगा।
                    मरीज के बड़े भाई ने बताया कि में कोरबा से आया हुआ हूँ। यहाँ मेरा किसी से परिचय भी नही है।मेरा ब्लड ग्रुप ओ पॉजिटिव है। अपने छोटे भाई को खून देना चाहता हूं। लेकिन ब्लड बैंक में ओ पॉजिटिव होने की वजह से मेरा ब्लड नहीं लिया जा रहा है।भाई की जान खतरे में है। गिड़गिड़ाने के बाद भी डॉक्टरों ने सुनने से इंकार कर दिया है।
 ब्लड की कमी नहीं…प्रक्रिया का पालन जरूरी
          सिम्स की डिप्टी एमएस आरती पाण्डेय ने बताया कि सिम्स में पर्याप्त ब्लड है। ब्लक्र लेने की प्रक्रिया होतीहै। प्रक्रिया के अनुसार एक फार्म भरना होता है। इसके बाद किसी भी डोनर से ब्लड लिया जाता है। जगदीश केशरवानी को ब्लड की जरूरत है। इसकी जानकारी सिम्स को है। डॉक्टरों को भी जानकारी दी गयी है कि ब्लड को लेकर इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही  नहीं किया जाए।
              आरती ने बताया कि मरीज का भाई ब्लड लेने आया था। ब्लड बैंक कर्मचारी ने कहा कि फार्म भरकर डोनर के साथ आए। यदि डोनर तत्काल नहीं भी मिलता है तब भी फार्म भरकर जमा करें। ब्लड मरीज के डाक्टर तक भेज दिया जाएगा। इसके बाद मरीज के भाई ने फार्म भी जमा नहीं किया। बावजूद इसके ब्लड बैंक ने ब्लड व्यवस्था की जानकारी डॉक्टर को दे दी है। व्यवस्था के बावजूद ब्लड लेने वाले को फार्म भरकर जमा करना जरूरी है।

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