चार अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस…लोकसेवा गारंटी के पालन में कोताही का मामला


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कलेक्टर निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर ने लोकसेवा गारंटी अधिनियम के तहत् आम जनता को समय-सीमा में शासकीय सेवाओं का लाभ देने के मामले में कोताही बरतने वाले चार अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर उनसे जवाब तलब किया है। जिन अधिकारियों को नोटिस जारी की गई है, उनमें तीन तहसीलदार एवं एक जनपद पंचायत सी.ई.ओ. शामिल हैं।प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल लोकसेवा गारंटी अधिनियम के तहत् जनसामान्य से मिले आवेदनों के निराकरण में समय-सीमा का पालन न करने के मामले में तहसीलदार युवराज सिंह कुर्रे जशपुर, संजय राठौर बगीचा एवं लक्ष्मण राठिया फरसाबहार को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

लोकसेवा गांरटी अधिनियम की समीक्षा मंे यह बात सामने आई की तहसीलदार बगीचा द्वारा बीते पांच महीने में 3781, तहसीलदार फरसाबहार द्वारा 1721 तथा तहसीलदार जशपुर द्वारा 1150 आवेदनों का निराकरण समय-सीमा के बाद किया गया है। उक्त आवेदनों के निराकरण की समय-सीमा 15 दिन निर्धारित थी। तीनों तहसीलदारों द्वारा आवेदनों का समय-सीमा में निराकरण करने में उदासीनता बरती गई थी।

कलेक्टर ने जनपद पंचायत फरसाबहार के लिए मुख्यकार्यपालन अधिकारी बी.एल.सरल को नोटिस जारी कर पेंशन के 20 मामले को लंबित रखने के संबंध में जवाब तलब किया है। यहां यह उल्लेखनीय है कि लोकसेवा गारंटी अधिनियम के तहत् पेंशन के आवेदनों का निराकरण 15 दिवस के भीतर किया जाना होता है। फरसाबहार जनपद सी.ई.ओ. को पेंशन के संबंध में 20 आवेदन ऑनलाईन मिले थे। जिनका निराकरण समय-सीमा बीत जाने के बाद भी नहीं किया गया है।

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