जब हजारो हाथों ने खाई कसम…फिर मुखिया के सपनो को साकार करने कूद पडी जनता…अरपा तट पर मनाया छठ से पहले महापर्व

बिलासपुर—नया दौर फिल्म का एक गाना तो सभी ने सुना ही होगा। गाने के बोल कुछ इस तरह के हैं…साथी हाथ बढ़ाना..एक अकेला थक जाएगा, मिलकर बोझ उठाना। नायक की गाए इन पंक्तियों को आज बिलासपुर ने अरपा किनारे छठ घाट पर जीवंत होते देखा। नजारा कुछ ऐसा लगा जैसे इलाहाबाद कुम्भ मनाने के बाद लोग सीधे अरपा स्थित छटघाट पहुंच गए है। इस दौरान लोगों ने महसूस किया कि अरपा माता अपने बच्चों के प्यार को देख गद गद हो गयी। क्योंकि तट पर कम से कम दस हजार से अधिक लोग मंगलवार को जुटे।सीजीवालडॉटकॉम के व्हाट्सएप्प ग्रुप से जुड़ने यहाँ क्लिक करे
               मजेदार बात है कि इस दौरान लोगों में एक बैचेनी देखने को मिली कि…कब अरपा मैया को अनवरत प्रवाहित होते देखेंगे। बेचैन जनता सुबह 6 बजे ही घाट पर उमड़ पड़ी। छठघाट में छठपूजा से पहले छठपर्व जैसा नजारा देखने को मिला। लेकिन लोग आज पूजा करने नहीं..अरपा माता का कर्ज उतारने आए थे। माता अरपा के साथ स्वच्छता पर्व मनाने आये थे। सबके हाथ में फावड़ा था।  लाठियां भी थी। कुछ अन्य सफाई के औजार भी थे। हजारो लोग तो हाथ के सहारे जलकुंभी निकाल रहे थे। इस दौरान ऐसा भी नजारा देखने को मिला…जैसा गांधी ने कभी कल्पना की थी। मानवश्रृखंला में होकर एक-दूसरे को तसला बढ़ाते जलकुंभी बाहर फेंकते जा रहे थे।
                         मालूम हो कि प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नदियों को पुर्नजीवित करने का बीड़ा उठाया है। अरपा नदी भी इसमें से एक है। मुख्यमंत्री ने कई बार खुलेमंच और बन्द कमरों की बैठकों मेंं कहा और जोर दिया कि अरपा नदी को पुराना स्वरूप में हर हालत में लाना है। सीएम के विशेष निर्देश पर जिला और निगम प्रशासन ने मंगलवार से दो दिवसीय अरपा उत्थान अभियान का आयोजन का एलान कर दिया। जिला और निकाय प्रशासन के अधिकारियों के साथ जनप्रतिनिधियों के आह्वान पर छठ घाट पर 10 हजार से अधिक लोग श्रमदान करने पहुंच गए। मजेदार बात है कि किसी को पीला चावल देकर नहीं बुलाना पड़ा। शायद इसकी कल्पना  भी जिला प्रशासन को नहीं थी कि लोग अरपा मां को कितना चाहते हैं।  हजारों की भीड़ में किसी को कुछ बताना नहीं पड़ रहा था। जो अरपा मां के गोद में पहुंचा स्वस्फूर्त सफाई करने में जुट गया। ‘ अरपा उत्थान ’ अभियान में जनप्रतिनिधियों से लेकर जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन के तमाम अधिकारी सुबह से ही छठ घाट पहुंचकर नागरिकों के साथ सफाई में जुट गये।
                                         कार्यक्रम में संभागायुक्त टीसी महावर ने कहा कि मुझे उम्मीद ही नहीं बल्कि विश्वास है कि अरपा अपने पुराने स्वरूप में जरूर लौटेगी। अरपा को पुर्नजीवित करने के लिये नालों का पानी नदी में जाने से रोकना होगा। गंदे नालों का पानी परिवर्तित कर अरपा को नया जीवन दिया जाएगा। नदी किनारे वृहद स्वरूप में पौधरोपण की जरूरत है। शासन के निर्देश पर अधिकारी,जनप्रतिनिधि ही नहीं बल्कि आम जनता भी उत्साहित होकर पौधरोपण करेगी।
                 कलेक्टर डॉ संजय अलंग ने कहा कि आज बिलासपुर के नागरिकों ने हाथ से हाथ मिलाकर काम किया है। हम सबके प्रयासों से ही अरपा साफ होगी। मैं सभी से अपील के साथ निवेदन करता हूं कि जल है तो कल है। नदी है तो सदी है। सभी लोग अपने घरों में वाटर हॉर्वेस्टिंग सिस्टम को प्राथमिकता दें। इससे भू-जल स्तर रिचार्ज होगा। नगर निगम कमिश्नर प्रभाकर पांडे ने लोगों से ज्यादा से ज्यादा पौधरोपड़ करने को कहा। पाण्डेय ने कहा कि हम सब लोग मिलकर हरियर बिलासपुर बनाने की संकल्पना को साकार करेंगे। सभी लोग बारिश के मौसम में 10-10 पेड़ लगाएंगे।
                       कार्यक्रम में राग बैंड की दृष्टिहीन छात्राओं ने ‘अरपा पैरी के धार’ गीत गाकर सभी को रोमांचित कर दिया। मंत्रगीत सुनकर लोग मंत्रमुग्ध हो गए। सफाई अभियान में पहुंचे नागरिकों को पौधे वितरित किये गये। अधिकारियों ने सभी से अपने घर के बाहर या उपयुक्त जगह पर पौधरोपण की अपील की। इसके साथ ही लोगों को जल संरक्षण के लिये जागरूक करने नगर निगम ने वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम का मॉडल प्रस्तुत किया ।
                        कार्यक्रम में सांसद श्री अरुण साव, बिलासपुर विधायक शैलेष पांडे, बेलतरा विधायक रजनीश सिंह, मस्तूरी विधायक डॉ कृष्णमूर्ति बांधी, महापौर किशोर राय, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अटल श्रीवास्तव, पूर्व महापौर वाणी राव समेत बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और नागरिकों ने लोगों को अभियान में बढ़चढ़कर हिस्सा लेने को कहा। नेताओं ने अरपा को मूल स्वरूप में लौटाने का संकल्प लिया। साथ ही अपनी बातों को भी अरपा बचाओं के समर्थन में मजबूती के साथ रखा।

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