अरपा प्रोजेक्ट को रिजेक्ट करने से पहले सभी पहलुओं का करे परीक्षण,अमर अग्रवाल ने सीएम भूपेश को लिखी चिट्ठी

बिलासपुर।पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पत्र लिखकर अरपा प्रोजेक्ट को विघटित नही करने का अनुरोध किया है।साथ ही लिखा है कि ऐसा निर्णय लेने से पहले इस परियोजना से जुड़े सभी पहलुओं का परीक्षण स्वयं करे व बिना राजनीतिक विद्वेष के लोकहित ने उचित निर्णय ले।अमर अग्रवाल ने अरपा प्रोजेक्ट को बिलासपुर के लिए जीवनदायीनी बताया है।पत्र में यह भी लिख दिया है कि मंथन सभाकक्ष मे कलेक्टर द्वारा बैठक लिए जाने से अरपा संरक्षित नही होगी।सीजीवालडॉटकॉम के व्हाट्सएप्प ग्रुप से जुड़ने यहाँ क्लिक करे

सीएम के नाम अपने लंबे पत्र में अमर अग्रवाल ने लिखा है कि मीडिया की इस खबर पर आश्चर्य हुआ कि छत्तीसगढ़ सरकार अरपा विशेष क्षेत्र प्राधिकरण को विघटित करने का फैसला लेने वाली है।जबकि इसी परियोजना के जरिये ही बिलासपुर की जीवनदायिनी अरपा नदी को वास्तविक रुप से संरक्षित कर भविष्य का बिलासपुर गढ़ना सम्भव है।

अमर अग्रवाल ने अपने पत्र में विस्तार से समझाया है कि अरपा प्रोजेक्ट कि खासियत क्या है।जिसमें उन्होंने लिखा है कि यह परियोजना अपने क्रियान्वयन शुरू होने के अंतिम चरण में है।इसके जरिये अरपा को संरक्षित कर इससे जुड़े नाले नालियों के पानी को नदी के तट के समानांतर चैनल के जरिये अलग से उपचारित करना है।इस प्रोजेक्ट में सड़क का नेटवर्क भी प्रस्तावित है जिससे ट्रैफिक का समाधान होगा।अरपा भैसाझार परियोजना के जरिये बारह महीने पानी अरपा को मिल सकेगा।

इस प्रोजेक्ट से जुड़े सम्बंदित मास्टर प्लान का प्रकशन हो चुका है।जिसमे भविष्य के बिलासपुर की झलक देखी जा सकती है।इसमें रिवर बेड संरक्षण एम्बकमेन्ट, घाट निर्माण, बैराज, एनीकट आदि शामिल है।अमर ने यह भी लिखा है कि यह पत्र वे राजनीति,दल और पार्टी से हटकर लिख रहे है इसके जरिये वे अरपा प्रोजेक्ट को लेकर फैलाई गई भ्रांतियों के बारे में स्थिति स्पष्ट करने चाहते है।

उन्होंने लिखा कि अरपा क्षेत्र में जमीन बिक्री लेने के लिए अनापत्ति लेने का प्रावधान खत्म करना दुखद है।अनापत्ति के प्रावधान का उद्देश्य सिर्फ यही था कि छोटे भू स्वामियों के हित जा संरक्षण हो और अरपा किनारे का अवैध विकास रोका जा सके।यह प्रक्रिया सरल थी।और अनापत्ति की संख्या एक साल में सौ भी नही होती थी।अठारह सौ करोड़ की इस वृहद योजना में लम्बी प्रक्रियाओं के कारण अपेक्षाकृत प्रगति दिखाई नही देती पर आप जैसे अनुभवी व्यक्ति के लिए समझना मुश्किल नही है कि इसमें वक्त लगना स्वाभाविक है।इस प्रोजेक्ट को मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली पीपीपी कमेटी ने भी पास कर दिया।इस योजना के बारे में भ्रांति फ़ैली की झुग्गी झोपड़ी टूटेगी और लोग बेघर होंगे। ऐसा कहने वालों को बिलासपुर के नूतन चौक स्थित प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों के जीवन स्तर को जाकर देखना चाहिए।

अमर अग्रवाल ने अपने पत्र में लिखा है कि इस परियोजना से जुड़ी सभी प्रशासकीय प्रक्रिया पुरी ही चुकी है।पीपीआर बन कर तैयार है।इसमें निविदा जारी कर आपके कार्यकाल में काम शुरू किया जा सकता है।बीडीए को पुनर्जीवित कर यह परियोजना सौपने से यह और कठिन हो जाएगा।उन्होंने यह भी लिखा कि मंथन सभा कक्ष में कलेक्टर द्वारा बैठक लिए जाने से अरपा संरक्षित नही हो पाएगी।अमर अग्रवाल ने बिलासपुर के एक नागरिक की हैसियत से यह पत्र लिखा है।जिसकी प्रति आवास व पर्यावरण मंत्री मोहम्मद अकबर को भेजी है।

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