महिला उत्पीड़न और कानून…दिल्ली हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता ने कहा…उत्पीड़न के खिलाफ कानून सख्त

बिलासपुर— तिफरा स्थित कल्याण भवन में छत्तीसगढ़ स्टेट पाॅवर डिस्ट्रीब्यूशन कम्पनी के प्रयास से  कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न को लेकर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला को दिल्ली उच्च न्यायलय की वरिष्ठ अधिवक्ता आयुष्मा ने संबोधित किया। इस दौरान मुख्य वक्ता ने लैंगिक उत्पीड़न के संकेत और सुरक्षा के साथ संवैधानिक पहलुओं की विस्तार से जानकारी दी।
             छत्तीसगढ़ राज्य पाॅवर कंपनी बिलासपुर क्षेत्र के तिफरा स्थित कल्याण भवन में कार्यशाला का आयोजन किया गया। एक दिवसीय कार्यशाला को दिल्ली उच्च न्यायालय की वरिष्ट अधिवक्ता और कार्यक्रम की मुख्य वक्ता आयुष्मा ने संबोधित किया। कार्यक्रम के विषय कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न पक मुख्य वक्ता ने विस्तार से प्रकाश डाला।
                    कार्यशाला को संबोधित करते हुए आयुष्मा अवस्थी ने कहा कि कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न शर्मनाक है। उन्होेने अपने संबोधन में लैंगिक उत्पीड़न के निवारण, प्रतिषेध और प्रतितोष अधिनियम 2013 के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही अधिकारों के रक्षा के लिए उठाए जाने वाले कदम,  संवैधानिक प्रावधान और सामाजिक गतिविधियों पर प्रकाश डाला।
                   इस अवसर पर बिलासपुर क्षेत्र के कार्यपालक निदेशक, अधीक्षण अभियंता ए.के. श्रीवास्तव, कल्पना घाटे, मधु मिंज और सहायक अभियंता सोनल दवे, सहायक विधि अधिकारी मनीषा राम के अलावा  बड़ी संख्या में पाॅवर कंपनी के महिला अधिकारी, मौजूद थे।

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