फिर शुरू हुआ राखड़ डैम का विरोध…ब्लाक कांग्रेस नेताओं ने कहा…प्रबंधन को करना पड़ेगा उग्र आंदोलन का सामना

बिलासपुर— ब्लाक कांग्रेस सीपत के नेताओं ने कलेक्टर से एनटीपीसी प्रबंंधन की शिकायत की है। कांग्रेस नेताओं ने बताया कि सीपत से निकलने वाले राख को रलिया और रॉक डेम में संग्रहित किया जाता है। राख का रखरखाव ठीक से नहीं होने के कारण स्थानीय लोगों का जीवन नरक से बदतर हो गया है। हवा के साथ राख गांव के एक एक घर पहुंच रहा है। सारा गांव अब दमा का रोगी बन चुका है।

                        कांग्रेस नेताओं ने जिला प्रशासन को बताया कि रलिया और रॉक बांध में सीपत से राख डंप किया जाता है। प्रबंधन ठीक नहीं होने के कारण राख हवा के माध्यम से गांव के एक एक घर पहुंच रहा है। कांग्रेसियों ने बताया कि नियमानुसार राख के ऊपर कम से कम एक फिट पानी होना चाहिए। लेकिन प्रबंधन की लापरवाही के चलते ऐसा नहीं किया जा रहा है।

                     बांध से राख हवा के माध्यम से 10-12 किलोमीटर के दायरे में आने वाले गांव के एक एक घर में पहुंच रहा है। लोग दमा चर्म रोग जैसी गंभीर बीमारी का शिकार हो रहे हैं। दोनों राख डैम के कारण सिंचाई नहर क्षतिग्रस्त हो गयी है। नहर के क्षतिग्रस्त होने का खामियाजा गरीब किसानों को उठाना पड़ रहा है। कांग्रेसियों के अनुसार एक समय डैम के आस पास पेड़ भी थे। लेकिन इन दिनों पे़ड़ के एक निशान भी नहीं हैं।

                                            कांग्रेसियों ने जिला प्रशासन को बताया कि राखड़ डैम के आसपास सघन पौधरोपण किया जाए। कैम्प लगाकर राखड़ प्रभावित गांव पहुंचकर दमा,चर्मरोग समेत अन्य मरीजों की जांच पडताल हो। राखड़ के ऊपर कम से कम एक फिट पानी भरा जाए। प्रशासन नहर की मरम्मत कराए। यदि समय रहते समस्याओं को दूर नहीं किया गया तो उग्र जनआंदोलन की जिम्मेदारी प्रशासन और एनटीपीसी प्रबंधन की होगी।

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