सिमगा SDM समेत सात अधिकारियों को कमिश्नर ने थमाया नोटिस,तहसील-जनपद कार्यालयों का किया आकस्मिक निरीक्षण


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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशानुरूप आम लोगों के आवेदनों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने तथा कार्यालयों में प्रशासनिक कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए रायपुर संभाग के आयुक्त जी.आर.चुरेन्द्र द्वारा संभाग अंतर्गत जिलों के राजस्व और जनपद कार्यालयों का आकस्मिक निरीक्षण लगातार किया जा रहा है। संभागायुक्त श्री चुरेन्द्र बलौदाबाजार जिले के सिमगा अनुभाग मुुख्यालय में एस.डी.एम., तहसील और जनपद कार्यालय तथा रायपुर जिलेे के धरसींवा में तहसील व जनपद कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में उन्होंने कार्यालयों में आवेदनों के निराकरण की स्थिति, कार्यालय प्रबंधन, साफ-सफाई व्यवस्था का जायजा लिया। संभागायुक्त ने कार्याे के निष्पादन में गंभीर लापरवाही बरतने पर सिमगा के एस.डी.एम. डी.आर.रात्रे, तहसीलदार प्रतीक जायसवाल तथा सुहेला के नायब तहसीलदार यशवंत कुमार राज को कारण बताओं नोटिस जारी करते हुए एक सप्ताह के भीतर जबाव प्रस्तुत करने को कहा है।सीजीवालडॉटकॉम के व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिए यहां क्लिक करे

इसी तरह कमिश्नर ने शासन की मंशानुरूप और पूर्व में दिए निर्देशों का समय पर पालन सुनिश्चित नही करने के कारण धरसींवा के तहसीलदार हरिओम द्विवेदी, नायब तहसीलदार रवि वर्मा, जनपद पंचायत धरसींवा की मुख्य कार्यपालन अधिकारी कांति धु्रव तथा ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के एस.डी.ओ. ए.डी.दानी को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए एक सप्ताह के भीतर जबाव प्रस्तुत करने को कहा है।

संभागयुक्त श्री जी.आर.चुरेन्द्र ने सिमगा और धरसींवा के जनपद पंचायत के सभाकक्ष में अधिकारियों की बैठक लेकर सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन के ताजा हालात की जानकारी ली। उन्होंने गांवों में सार्वजनिक महत्व के स्थलों से कब्जा हटाकर उनका बेहतर प्रबंधन करने के निर्देश दिए। उन्होंने राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी सुराजी गांव योजना के तहत नरवा, गरवा, घुरूवा, बाड़ी के संवर्धन के कार्य तेजी से संपादित करने को कहा ताकि ग्रामीणों को इसका समुचित लाभ मिल सके। श्री चुरेन्द्र ने नदियों, तालाबों सहित अन्य जल संग्रहण संरचनाओं के कैचमेन्ट एरिया की सर्वोच्च प्राथमिकता से सफाई करने को कहा है ताकि संपूर्ण जलराशि इन संरचनाओं में निर्बाध गति से आए और पूरी क्षमता से इनमें जल-भराव हो सके।

संभागायुक्त ने बैठक में हरियर छत्तीसगढ़ अभियान के अंतर्गत वन महोत्सव के कार्यक्रम आयोजित कर सघन पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने देशी प्रजाति जैसे-आम, नीम, करंज, कटहल, बेल, मुनगा आदि पौधों को प्राथमिकता देने कहा है। श्री चुरेन्द्र ने गांवों के साथ-साथ शहरों में भी पेड़ लगाने के इच्छुक परिवारों को पांच-पांच फलदार पौधा उपलब्ध कराने को कहा है। उन्होंने बिना डायवर्सन कराये कृषि भूमि का अन्य प्रयोजनों में इस्तेमाल करने वालों का सर्वेक्षण करने और डायवर्सन का प्रकरण बनाकर नियमानुसार राजस्व वसूली करने के निर्देश दिये हैं।

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उन्होंने बताया कि गांवों में बड़ी संख्या में लोग कृषि भूमि का अन्य उपयोग कर रहे हैं। उन्होंने बकाया राजस्व की वसूली के लिए गांवों में कैम्प आयोजित करने कहा है। इन कैम्पों में यथासंभव अविवादित किस्म के नामांतरण एवं बटवारा के प्रकरणों का निराकरण भी किया जाना चाहिए। उन्होंने लोक प्रयोजनों के लिए आरक्षित भूमि जैसे गौठान, श्मशान, कब्रिस्तान, रास्ता, हाट-बाजार, धरसा, देवालय, तालाब पार सहित अन्य सरकारी स्थलों से अभियान चलाकर अवैध कब्जा हटाने के निर्देश दिये हैं। बरसात शुरू होने के पहले सीमांकन के सभी मामलों का शत-प्रतिशत निराकरण करने को कहा है।

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कमिश्नर ने कहा कि किसी गांव में अलग-अलग विभागों से संचालित योजनाओं के समन्वय के लिए एक ग्राम प्रभारी बनाए जाएंगे जो राजपत्रित अधिकारी होंगे वो गांव में सभी योजनाओं के क्रियान्वयन और आपसी समन्वय का कार्य संपादित करेंगे ताकि निर्धारित समय पर सुचारू रूप से विकास कार्यो का अमलीजामा पहनाया जा सके।

संभागायुक्त ने हेण्डपम्पों के नजदीक उपयुक्त आकार के सोख्ता गड्डा बनाने को कहा है ताकि गंदे पानी के फैलाव को रोका जा सके। यह एक प्रकार से वाटर हार्वेस्टिंग का काम भी करता है। उन्होंने सभी शासकीय कर्मियों का डायरी लेखन और अपने प्रस्तावित दौरा कार्यक्रम का अनुमोदन लेने को कहा है। पटवारियों के बस्तों की जांच के लिए रोस्टर बनाने तथा इसकी जांच नियमित अंतराल में एसडीएम, तहसीलदार, राजस्व निरीक्षकों द्वारा करने को कहा है।  कमिश्नर ने पंचायत पदाधिकारियों से बकाया वसूली सितम्बर 2019 के पहले करने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने कहा कि जर्जर शासकीय भवनों का चिन्हांकन करके इसका परीक्षण सरकारी अधिकारियों की समिति से कराई जाए। यदि डिस्मेंटल लायक है तो तत्काल सुझाव दें ताकि समय पर इसे नष्ट किया जा सके। उन्होंने कोटवार, पटेल एवं चेनमेन के रिक्त पदों पर भी तत्काल भर्ती की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है। उन्होंने बैठक में मनरेगा कार्य की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि कार्यस्थल पर एक आदर्श गोदी का निर्माण कराया जाए ताकि इसे देखकर मजदूर इसी नाप के अनुरूप गोदी खोदाई का काम कर सकें। उन्होंने मजदूरों को एक दिन पहले से उनके द्वारा खोदे जाने वाले स्थल चिन्हांकित करने का सुझाव भी दिया है।

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