VIDEO:विधायक ने कहा-लोगों ने दिखाई समझदारी…सुलझ गया मंदिर का मुद्दा..जैत खाम्ब को भी किया जाएगा शिफ्ट

बिलासपुर—विधायक ने कहा कि बिलासपुर की जनता समझदार है। एक बार फिर समझदारी दिखाते हुए लोगों ने अपनी समस्या को मिलजुल कर निपटा लिया है। जल्द ही मिट्टी तेल गली में स्मार्ट सड़क के किनारे भव्य मंदिर बनकर तैयार हो जाएगा। लोगों ने मिलजुलकर यह भी फैसला किया है कि जैतखाम्भ को भी उचित जगह शिफ्ट किया जाएगा। शैलेश पाण्डेय ने बताया कि पूर्ववर्ती सरकार ने सड़क बनाने का निर्णय तो लिया लेकिन लोगों की आस्था को चोट पहुंचाया है। जिसके चलते लोगों में आक्रोश था…लेकिन अब यह समस्या हल हो चुकी है। उन्होने इस मौके पर नारियल फो़ड़कर और चूना डालकर मंदिर निर्माण का श्रीगणेश किया।

                        मिट्टी तेल गली में आज एक बार गहमा गहमी का माहौल देखने को मिला। क्योंकि आज बीच सड़क से मां शारदा मंदिर और जैतखाम्भ हटाने का निर्णय लिया जाना था। किसी प्रकार की अनहोनी और स्थानीय लोगों के आक्रोश को देखते हुए मौके पर पुलिस बल भी मौजूद थी। लेकिन विधायक शैलेश पाण्डेय के प्रयास से मंदिर और जैतखाम्भ का मामला सुलझा लिया गया।

शैलेश पाण्डेय ने प्रस्तावित स्थल पर नारियल फोड़कर मंदिर निर्माण की हरी झण्डी दी। यद्यपि पहले तो आस पास के लोगों ने मंदिर निर्माण का विरोध किया। बाद में लोगों के बीच आम सहमति भी बन गयी।

                   पत्रकारों को शैलेश पाण्डेय ने बताया कि मिट्टी तेल गली में स्थापित शारदा मंदिर को लेकर किसी प्रकार का विवाद नहीं था। लेकिन कुछ लोगों ने राजनीति कर मंदिर को विवादास्पद बना दिया था। लेकिन लोगों ने जल्द ही समझ लिया। शैलेश पाण्डेय ने बताया कि किसी की निजी जमीन पर मंदिर नहीं बनाया जा रहा है।

जिस स्थान पर मंदिर को शिफ्ट किया जा रहा है…वह निगम की जमीन है। हां कुछ लोगों को लग रहा था कि मंदिर बनने से उनकी जमीन प्रभावित होगी। घर के सामने होने के कारण परेशानी होगी। लेकिन समझ में आने के बाद लोगों ने विरोध बंंद किया।

                    शैलेश पाण्डेय ने बताया कि स्मार्ट सड़क के लिए सबसे ज्यादा त्याग मिट्टी तेल की गली के लोगों ने दिया है। परेशानियों को झेला है। मैं उनकी पीडा को अच्छी तरह से समझता हूं। यह सड़क जब बन जाएगी..तब सबसे ज्यादा त्याग के लिए विस्थापित लोगों को याद किया जाएगा। क्या विकास के नाम पर इसी प्रकार का विवाद होगा। शैलेश ने बताया कि हरगिज नहीं। सड़क पर मंदिर है ही नहीं..तो विकास कार्य का प्रभावित होने का सवाल ही नहीं उठता है। इस दौरान शैलेश पाण्डेय ने महिला मकान मालिक के विरोध को केवल छणिक आक्रोश बताया। उन्होने कहा कि विधायक होने के नाते उनका मुझ पर अाक्रोश जाहिर करना अधिकार है। लेकिन समझाने के बाद उन्होनें ही मंदिर निर्माण पर सहमति जाहिर की है।

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