बोले खाद्य मंत्री…आप लोग भड़काते हैं…कोई अलग थलग नहीं…राहुल ही रहेंगे अध्यक्ष…अनियमितताओं की करेंगे जांच..होगी कार्रवाई

बिलासपुर— खाद्य मंत्री पदभार लेने के बाद पहली बार अमरजीत भगत का बाद बिलासपुर दौरा हुआ। झमाझम बारिश के बीच कार्यकर्ताओं ने मंत्री का जोशिला स्वागत किया। तिफरा से लेकर नेहरू चौक तक अमतजीत भगत का फूल माला से कांग्रेसियों ने अभिनंदन किया। अमरजीत भगत कांग्रेस कार्यालय पहुंचकर कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। साथ ही सरकारी की नीतियों को जन जन तक पहुंचाने की बात कही। इसके पहले अमरजीत भगत ने छत्तीसगढ़ भवन में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि  मैं ना तो अध्यक्ष पद की रेस में था और ना ही मंत्री की दौड़ में ही शामिल था। संगठन ने जो भी काम दिया..उसे ईमानदारी से पूरा किया है। राहुल गांधी को दिल्ली जाकर मनाउंगा कि इस्तीफा वापस लें। हम मिलकर संगठन को मजबूत बनाने का काम करें।

                              खाद्य मंत्री बनने के बाद पहली बार अमरजीत भगत बिलासपुर पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने भगत का जोशिला स्वागत किया। पत्रकारों से खुलकर बातचीत भी की।

                 सवाल जवाब के दौरान खाद्य एवं प्रसंस्करण मंत्री ने कहा कि चावल वितरण का काम अभी बन्द है। राशन दुकान का संचालन किया जाएगा। इसके लिए सर्व सम्मति भी बन गयी है। आने वाले समय राशन दुकान जल्द ही काम करने लगेंगे। बिलासपुर में मेयर से लेकर कई लोग राशन दुकान का संचालन करते हैं। यह अलग बात है कि राशन दुकान खुलता नहीं है। सवाल के जवाब में अमरजीत भगत ने बताया कि मामले को ध्यान में रखकर ही बैठक हुई है। सर्वसम्मति से फैसला भी हो चुका है। क्या कुछ किया जाना है सब कुछ जल्द ही सामने आ जाएगा।

                                  चावल वितरण नहीं होने से कई स्वसहायता समूह खाली हाथ बैठे हैं। गरीबों को राशन नही मिल रहा है। इस बीच गरीबों के लिए शासन की तरफ से क्या व्यवस्था की गयी है। सवाल से बचते हुए अमरजीत ने कहा कि मुख्यमंत्री का स्पष्ट निर्देश है कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजना लाभ पहुंचे। सभी गरीबों और निराश्रितों तक राशन दुकान से मिलने वाला चावल पहुंचे। अमरजीत ने बताया कि भूपेश सरकार ने फैसला किया है कि एपीएल बीपीएल का बंधन खत्म हो। जरूरत मंदों को चावल मिले। कोई कार्ड की जरूरत नहीं। गरीबी रेखा से ऊपर रहने वालों को भी न्याय मिले।

                 बिलासपुर में कई ऐसे मॉडल दुकान हैं..जो कभी खुले ही नहीं..लेकिन राशन उठाया जा रहा है। प्रश्न पर अमरजीत ने बताया कि इसकी जांच पड़ताल होगी। हमें इस बात की खबर है।

                    कांग्रेस की गुटीय राजनीति कब खत्म होगी। प्रदेश स्तर पर जमकर खींचतान हो रहा है। शहर में संगठन और विधायक अलग अलग दिशा में चल रहे हैं। आखिर वजह क्या हो सकती है। अमरजीत भगत ने बताया कि कहीं कोई गुट नहीं…यहां सभी लोग कांग्रेसी बैठे हैं। संगठन से अलग हटकर चलने का सवाल ही नहीं उठता है। मेरे बगल में विधायक बैठे हैं। कार्यकर्ता भी साथ में है। अलग अलग रहने या विरोध का सवाल ही नहीं है। थोड़ा बहुत लोग आगे पीछे हो जाते हैं…आप लोग भड़काने का काम करते हैं। कांग्रेस बड़ा संगठन है…भड़काने में हम नहीं आने वाले हैं।

                                       आखिर आप लोग राहुल का मोह क्यों नहीं छोड़ना चाहते…अमरजीत ने सवाल पर कहा कि राहुल गांधी हमारे नेता हैं। हमारा शीर्ष नेतृत्व भूपेश बघेल के साथ उनसे मिल चुका है। जल्द ही गृहग्राम से लौटकर दिल्ली जाऊंगा। राहुल गांधी को मनाने का प्रयास किया जाएगा। उनके रहने से संगठन में अनुशासन के साथ कार्यकर्ताओं में उत्साह बना रहता है। उम्मीद है वे कार्यकर्ताओं के निवेदन को स्वीकार करेंगे।

                       राइस मिल से चावल का उठाव नहीं होने के सवाल पर खाद्य मंत्री ने बताया कि गोदाम में जगह नही है। जल्दी ही रणनीति के तहत दो महीने का राशन वितरण किया जाएगा। एक दिन पहले ही रायपुर में बैठक लेकर मसले पर बातचीत हुई है।

                    केन्द्रीय सरकाल केन्द्रीय पूल से धान बोनस को लेकर मदद देने को तैयार नहीं है। ऐसे में आपका क्या प्रयास के सवाल पर खाद्य मंत्री ने कहा प्रयास जारी है।

                       आप संगठन का अध्यक्ष बनते बनते मंत्री बन गए। अध्यक्ष बनने से इंकार क्यों किया। अमर जीत भगत ने बताया कि हम संगठन के कार्यकर्ता हैं। आलानेताओं के आदेश का पालन करना हमारी जिम्मेदारी है। मैं ना तो मंत्री के रेस मे था…ना ही अध्यक्ष बनने की दौड़ में ही शामिल था।

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