बजटः कांग्रेसियों ने बताया युवा विरोधी…महंगाई की मार से होगी जनता बेहाल…छोटे दुकानदार और कर्मचारी होंगे बेहाल

बिलासपुर—वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन ने शुक्रवार को देश का बजट पेश किया। जहां भाजपा नेताओं ने बजट को क्रांतिकारी और विकासपरक बताया तो कांग्रेसियों ने बजट को निराशाजनक और दिशाहीन बताया है। कांग्रेसियों की माने तो केन्द्रींय बजट में डीजल और पेट्रोल के भावों को आसमान पहुचाने वाला कहा है। अतिरिक्त सेस लगाकर सरकार ने मध्यम वर्ग  को ठगा है।
         केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन ने परंपरा से हटकर देश के लिए आज अपना पहला बजट पेश किया है। प्रदेश कांग्रेस महामंत्री अटल श्रीवास्तव ने कहा कि पेट्रोल और डीजल पर अतिरिक्त शेस लगाकर मोदी सरकार ने मध्यम वर्गीय लोगो का कमर तोड़ने का काम किया है। अतिरिक्त शेस लगने से डीजल पेट्रोल मंहगे होंगे। ट्रान्सपोर्टिग महगा होगा। असर बाजार की सभी वस्तुओ पर पडेगा। सब्जी दाल तेल सभी चीजे मंहही होगीं। अटल ने बताया कि टैक्स को लेकर नौकरी पेशा वर्ग को कोई राहत प्रदान नही की गयी है। पाॅच लाख तक की छूट को आठ लाख तक बढाया जाना चाहिए था। लेकिन पूर्व की तरह ही टैक्स लगाये रखा गया। छोटे दुकानदारो को दिए जाने वाले राहत को लेकर कोई घोषणा नही हुई। किसी तरह से किसी भी वर्ग को बजट से फायदा होता नही दिखाई दे  रहा है। किसान नौजवान गृहणी गरीब मध्यम वर्ग वोट देने के बाद अपने आप को ठगा महसूस कर रहे हैं।

अटल ने बताया कि मोदी सरकार का बजट गरीब किसान और बेरोजगारों को पीडा देने वाला है। रिटेल में एफ.डी.आई बढाने से व्यापारियों पर कुठाराघात हुआ है।

              प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता अभय नारायण राय ने बताया कि मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के पहला बजट गरीब किसान बेरोजगार युवाओं का विरोधी है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता अभय नारायण राय ने कहा कि रिटेल में एफ.डी.आई. बढाने की अनुमति देकर मोदी सरकार ने छोटे दुकारदारों के प्रति दुर्भावना प्रकट कर दी है। सरकार अडानी और अंबानी के लिए नीति बनाती है। सरकार की नियति भी स्पष्ट हो गयी है। छोटे दुकानदार और व्यापारियों को विकास की योजना से दूर रखा गया है। नोटबंदी और जीएसटी की मार के बाद अब एफ.डी.आई. बढाने से जरूरी था कि छोटे व्यापारियो के लिए कोई पेंशन योजना लायी जाए। इसकी कोई घोषणा बजट में नही है। नये मतदाताओं और नौजवान मतदाताओं ने बडी उम्मीद से बेरोजगारी दूर होगा…सरकार के लिए मतदान किया। लेकिन बेरोजगारी दूर करने को लेकर इस बजट में कोई ठोस उपाय नही बताये गये है। बजट पूर्णतः गरीब और बेरोजगार विरोधी है।

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