परिजनों का आरोप…निशांगी की हत्या हुई…कराया जाए नार्को टेस्ट…कहा…पैसों वालों ने खरीद लिया मौत का प्रमाण

 बिलासपुर—लोग अभी भी नहीं भूले हैं कि जब विराट अपहरण काण्ड के बाद शहर बेचैन हुआ था। ठीक उसी रात्रि को परसदा के पास पूर्व विधायक के ठिकाने से कुछ दूर एक उम्मीदों से भरपूर एथलिट की लटकती हुई लाश मिली थी। लेकिन निशांगी की मौत विराट अपहण काण्ड के शोर में कहीं गुम गया। एक बार फिर निशांगी टंडन का आत्महत्या प्रकरण सिर उठाने लगा है। यद्यपि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में निशांगी को आत्महत्या करना बताया गया है। लेकिन माता पिता का कहना है कि निशांगी बहादुर और आशावादी थी। जाहिर सी बात है कि उसने आत्महत्या नहीं की है। पुलिस कप्तान से शिकायत के बाद निशांंगी के माता पिता ने बताया कि पैसों वालों ने उसकी की मौत और सबूतों को खरीद लिया है। लेकिन जब तक न्याय नहीं मिल जाता है मैं लड़ता रहूंगा।

                    विराट अपहरण काण्ड के दौरान परसदा में पूर्व विधायक के घर से चंद कदम दूर डीपी विप्र में पढ़ने वाली एथलिट छात्रा निशांगी टण्डन की लटकती लाश मिली। मामला संज्ञान में आया तो जरूर लेकिन विराट काण्ड के शोर में मामला दब गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद निशागी के माता पिता काफी हतप्रभ और दुखी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार निशांगी की हत्या नहीं बल्कि उसने आत्महत्या की थी।

                       निशांगी के पिता संजय टण्डन और माता मनीषा टण्टन समेत पारिवारिक हितैषी केदार यादव और मृतक का मामा सन्दीप ने पुलिस कप्तान और कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है। परिजनों ने बताया कि निशांगी डीपी विप्र की छात्रा और होनहार एथलिट थी। उसे अपने जीवन से प्यार था। वह अपने जीवन में उम्मीदों से भरी थी। जाहिर सी बात है कि वह आत्महत्या जैसा कदम नहीं उठा सकती।

                निशांगी के पिता और माता ने बताया कि घटना के दिन निशांगी और उसकी सहेली करिश्मा भारद्वाज राजकिशोर नगर स्थित देर शाम तक होटल में नाश्ता किया। इसी बीच निशांगी और करिश्मा की परसदा स्थित राम वैली में रहने वाले रसूखदार पैसे वाले की औलाद रोहित संतानी से बातचीत हुई। माता पिता ने बताया कि रोहित संतानी करिश्मा और निशांगी का दोस्त है। निशांगी उससे नाराज थी। हाटल के बाद सीधे रामा वैली रोहित संतानी के यहां गयी। इसके बाद दूसरे दिन उसकी लाश झाडियों में मिली। जानकारी के अनुसार निशांगी रोहित के यहां रात्रि डेढ़ बजे घर के लिए निकली थी।

                 परिजनों ने बताया कि पीएम रिपोर्ट में आत्महत्या करना बताया गया है। जबकि पुलिस मर्ग में स्पष्ट कहा गया है कि जिस पेड़ से निशांगी का शव लटका मिला उसकी लम्बाई सिर्फ तीन फिट है। जबकि निशांगी की उंचाई पाच फिट से अधिक है। फिर कैसे संभव है कि निशांगी ने पेड़ से लटककर आत्महत्या की है। उन्हे पूरा विश्वास है कि निशांगी को पहले मारा गया। इसके बाद उसे पेड़ से लटकाया गया है।

                                   मर्ग में उल्लेख है कि निशांगी की दोनों कलाइयों में काला निशान है। गले में ना तो काला निशान है और ना ही खून के प्रमाण है। इससे संदेह पैदा होना लाजिम है। इसलिए जांच जरूर है। जिस समय लाश को देखा गया..निशांगी के बाल चेहरे पर थे। घटना के समय मृतिका के आंख में चश्मा यथावत लटका हुआ था। क्या कोई दुखी इंसान चश्मा लगाकर आत्महत्या करेगा। निश्चित रूप से संदेह को पैदा करता है।

                   परिजनों ने प्रशासन से मांग की है कि मृतिका मौके पर कैसे पहुंची..किसने बुलाया…मौत से पहले उसने किससे बातचीत की। मोबाइल नम्बरों को खंगाला जाए। घटना में संदेही रोहित संतानी, करीना भारद्वाज,घनश्याम लालवानी, पूनम नंदा,मनोज कुकरेजा से पुलिस कठोरता से पूछताछ करे तो मामला पानी की तरह साफ हो जाएगा।

                   परिजनों ने यह भी बताया कि घटना रात्रि के बाद रोहित संतानी ने मोबाइल सिम तोड़कर क्यों फेंका। पुलिस के सामने उसने इस बात को कबूल भी किया है। बावजूद इसके उससे आगे पूछताछ क्यों नहीं हुई। जबकि घटना के दिन निशांगी टंडन का मोबाइल चालू था। पता लगाया जाए कि उसने अंतिम बार किससे बातचीत की है। यह जानते हुए भी घटना के दिन निशांगी और करीना साथ में थे। जरूरी है कि मामले की तह तक जाने के लिए करीना का नार्को टेस्ट कराया जाए।

                  पूनम नदा और मनोज कुकरेजा का पता लगाया जाए। इनका आपस में क्या संबंध है। निशांगी के सम्पर्क में कैसे आए। प्रज्ञा कौन है। उसने हत्या की रात्रि मनीषा टण्टन को फोन कर बताया कि डीपी विप्र कालेज की स्पोर्टस टीचर हूं। निशांंगी को दूसरे दिन बाहर खेलने के लिए जाना है। पता लगाया जाना जरूरी है। क्योंकि डीपी विप्र में प्रज्ञा नाम की कोई टीचर नहीं है। परिजनों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि रोहित संतानी के घर के आस पास लगे सीसीटीवी को खंगाला जाए। इसके अलावा हैंवेन्स पार्क सीसीटीवी की जानकारी ली जाए।

                      परिजनों ने बताया कि यदि निशांगी को आत्महत्या ही करना था तो हाइवे या रेल के नीचे आकर कर सकती थी। लेकिन उसने ऐसा नहीं किया। इससे जाहिर होता है कि निशांगी ने आत्महत्या नहीं की बल्कि हत्या हुई है।

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  1. By Kedar yadav

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  2. By Kedar yadav

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