हलषष्ठी पर महिलाओं ने रखा व्रत, पुत्र के दिर्घायु की कामना की

तखतपुर(टेकचंद कारडा)-नगर मे समाज की महिलाओं ने हल छठ व्रत 21 अगस्त दिन बुधवार को मनाया है। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार हर साल भाद्र कृष्ण अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। इस साल यह व्रत 23 तारीख को मनाया जाएगा। इनके जन्मदिन से ठीक दो दिन पहले हर वर्ष षष्ठी तिथि को हल छठ मनाया जाता है। इस व्रत का संबंध भगवान श्रीकृष्ण के बड़े भाई बलरामजी से है। जन्माष्टमी की तरह इस दिन भी व्रत रखने की परंपरा है। समाज की महिलाओं ने हल छठ व्रत मनाया” बच्चों की सुख समृद्धि के लिए ” हलषष्ठी का व्रत विशेषकर पुत्रवती महिलाएं करती हैं। यह पर्व हलषष्ठी, हलछठ , हरछठ व्रत, चंदन छठ, तिनछठी, तिन्नी छठ, ललही छठ, कमर छठ, या खमर छठ के नामों से भी जाना जाता है।

यह व्रत महिलाएं अपने पुत्र की दीर्घायु और उनकी सम्पन्नता के लिए करती हैं। माताएं व्रत पूजन के साथ ही अपनी संतान की दीर्घायु की कामना करती हैं। इस दिन हल की पूजा का विशेष महत्व है। महिलाएं अपने पुत्र की सलामती के लिए यह व्रत रखती हैं।

नगर में यह व्रत बजरंग नगर, राम जानकी बड़े मंदिर, पाठक पारा, महामाया मंदिर ,टिकरी पारा ,ब्लॉक कॉलोनी की महिलाओं ने हलषष्ठी का व्रत मनाया। इस अवसर पर अपर्णा गुप्ता ,सुशीला गुप्ता, माधवी गुप्ता, सरस्वती सोनी ,श्वेता सोनी ,उत्तरा सोनी, लक्ष्मी प्रिया मिश्रा, गायत्री यज्ञहरी, गुप्ता समाज की पूर्व अध्यक्ष रंजना गुप्ता , अध्यक्ष अंबे गुप्ता, उपाध्यक्ष सुलेखा गुप्ता, श्वेेता ,सुनीता, प्रीति गुप्ता, कृष्णा गुप्ता, कुमारी संध्या ,शशि श्रीवास, गायत्री श्रीवास, शारदा श्रीवास ,उषा गुप्ता, जयंती श्रीवास ,सविता पाल, पूजा श्रीवास ,दीपा श्रीवास ,सरला, मधु ,सरोज आदि महिलाओंं ने हलषष्ठी व्रत मनाया।

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