गलत पायी गयी रैंगिग की शिकायत…पुलिस और सिटी मजिस्ट्रेट ने की पूछताछ….बैठक में छात्र छात्राओं ने किया इंकार

बिलासपुर— एमआईसी से सिम्स को एक पत्र के माध्यम से जानकारी मिली कि महाविद्यालय में रैंगिग की शिकायत मिली है।  शिकायत करने वाले ने बताया है कि सिम्स में रैंगिग हो रही है। लेकिन प्रबंधन बात को नजरअंदाज कर रहा है। एमआईसी से रैंगिग मामले को लेकर मिले पत्र के बाद सिम्स प्रबंधन में हलचल मच गयी। तत्काल इसकी जानकारी एन्टी रैंगिग कमेटी को दी गयी। कमेटी में शामिल कलेक्टर पुलिस कप्तान को भी पत्र से अवगत कराया गया। मामले को लेकर आज समित की बैठक हुई। पूछताछ के बाद रैगिंग की बात को गलत पाया गया।

                सिम्स की एन्टी  में आज एन्त्रटी रैगिंग समिति की बैठक हुई। बैठक में एमसीआई के पत्र और रैगिंग की शिकायत करने वाले की जानकारी को भी रखा गया। इस दौरान कमेटी की तरफ से सिम्स स्टाफ के अलावा कलेक्टर प्रतिनिधि सीएसपी अवध राम टण्डन और पुलिस कप्तान प्रतिनिधि सीएसपी विश्वदीपक त्रिपाठी भी मौजूद हुए। साथ ही वरिष्ठ छात्र,अभिभाव,छात्र संघ पदाधिकारी,एनजीओ सदस्यों ने भी हिस्सा लिया।

                       मीडिया को बैठक की जानकारी डॉ.आरती पाण्डेय ने दी। उन्होने बताया कि बैठक में डिप्टी कलेक्टर प्रतिनिधि सिटी मजिस्ट्रेट एआर टण्डन और सीएसपी विश्वदीपक त्रिपाठी समेत अभिभावकों ने छात्रों से पूछताछ की। इस दौरान सभी छात्रों के बयान भी लिए गए। छात्रों ने खुलकर बताया कि सिम्स में रैंगिग को लेकर हमारा कोई अनुभव नहीं है। ना ही उन्हें रैंगिग को लेकर किसी प्रकार की जानकारी ही है। वही अभिभावकों ने कहा कि उनके बच्चों ने भी कभी रैंगिग को लेकर किसी प्रकार की चर्चा नहीं की है। इसके अलावा प्रशासन के सामने वरिष्ठ छात्रों ने भी रैंगिग की जानकारी या संलिप्तता से इंकार किया।

               आरती पाण्डेय ने बताया कि रैंगिग करना या शामिल होना अपराध है। बैठक में  कुमुदकर दास, अब्दुल फहीम, खान, दरशदारा मानिकपुरी, देवेश कोराम, काजल पैकरा, लवनीश कुमार, वैष्णवी शर्मा,डॉ.एस के नायक, छात्रवास वार्डन. डॉ. प्रशांत निगम विशेष रूप से मौजूद थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *