बैंक विलय का विरोध…बैंकरों ने किया अनिश्चितकालीन हड़ताल का एलान…कहा…बात से नहीं तो हड़ताल से होगा फैसला

बिलासपु— देश के चारों बैंक अधिकारी संगठनों के महासचिवों ने आईबीए के चेयरमैन को हड़ताल पर जाने का नोटिस थमाया है। चारो संगठनों के अधिकारियों ने बैंक विलय का विरोध कर अपनी नाराजगी को जाहिर किया है। आइबोक प्रमुख सौम्या दत्ता, एआईबीओए प्रमुख एस नागराजन, इनबोक प्रमुख के के नायर और नोबो प्रमुख वी वी टिकेकर ने संयुक्त हस्ताक्षरों के साथ आईबीए  चेयरमैन को लिखित में बताया कि आगामी 25 सितम्बर की मध्यरात्रि से 27 सितम्बर की मध्यरात्रि तक अखिल भारतीय बैंक हड़ताल पर रहेंगे।
         आइबोक छत्तीसगढ़ सहायक महासचिव  ललित अग्रवाल ने बताया कि  हड़ताल  बैंकिंग क्षेत्र में व्यापक विलय और एकीकरण के विरोध में है। इसके अलावा 1 नवम्बर 2017 से देय 11वे द्विपक्षीय वेतन समझौते को शीघ्र करने को लेकर भी बातों को मजबूती के साथ रखा जाएगा।  5 दिनों का सप्ताह  और नगदी लेन देन के समय मे कटौती, पेंशन अपडेशन और के साथ सेवानिवृत्त बैंकर्स के चिकित्सा बीमा प्रीमियम में कमी को लेकर भी बातों को शासन के सामने रखेंगे।
         ललित अग्रवाल ने जानकारी दी कि पर्याप्त नई भर्ती, एनपीएस के बजाय परिभाषित पेंशन पेमेंट, सम्माननीय ग्राहकों से वसूले जाने वाले सर्विस चार्जेस में कमी करने और बैंक अधिकारियों के उत्पीड़न को रोकने की मांगे भी हमारा प्रमुख  मुद्दा है। इसके पहले यूनाईटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के बैनर तले 20 सितम्बर को संसद भवन के सामने एक दिवसीय देशव्यापी धरना दिया जाएगा।  वित्तमंत्री महोदया को ज्ञापन भी दिया जाएगा।
        धरना, ज्ञापन और हड़ताल के बाद भी मांगे नही माने जाने पर नवम्बर 2019 के दूसरे पखवाड़े से बैंकर्स  अनिश्चित कालीन बैंक हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगे।
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