प्रशासन का चकमा…कार्यकर्ता मलते रहे हाथ…अमित बदले रूट से पहुंचे गौरेला…जोगी कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने कहा…नियम के खिलाफ

बिलासपुर— अमित जोगी को बालाजी हास्पिटल से इलाज के बाद रायपुर जेल से गौरेला उप जेल गोरखपुर भेजा गया। रायपुर से रवाना होने के पहले अमित जोगी ने बाहर खड़े पत्रकारों के सवालों का जवाब दिया। उन्होने कहा कि वह  सत्य की लड़ाई लड़ रहे हैं। उनके खिलाफ साजिश हुई है। इसके बाद जोगी को एम्बुलेन्स में बैठाकर सुरक्षा के बीच गौरेला के लिए रवाना किया गया। इस बीच जानकारी मिली कि अमित जोगी गौरेला पहुंचने से पहले कुछ समय बिलासपुर में रहेंगे। जानकारी मिलते ही पत्रकारों की टीम सूत्रों की जानकारी पर बिल्हा थाना क्षेत्र के रायपुर बिलासपुर हाइवे के बीच एक हाटल पहुंच गए। मामले की जानकारी जिला प्रशासन को मिल गयी। जोगी को हॉटल पहुंचने से पहले किसी दूसरे रास्ते से सुरक्षा के बीच गौरेला लेकर जाना पड़ा। इसके चलते हॉटल के सामने इंतजार कर रहे जनता कांग्रेस नेताओं के साथ पत्रकार भी मायूस हो गए।

                      अमित जोगी को रायपुर स्थित बालाजी हास्पिटल से इलाज के बाद सेन्ट्रल जेल की निगरानी में दोपहर को गौरेला उपजेल भेजा गया। अमित जोगी 14 दिनों की न्यायिक रिमाण्ड में है। 17 सितम्बर को रिमाण्ड की अवधि खत्म होने वाली है। अतिरिक्त न्यायाधीश के सामने जोगी को पेश होना है। इसी बात को ध्यान में रखकर कड़ी सुरक्षा के बीच उन्हें गौरेला के लिए एम्बुलेन्स से रवाना किया गया।

              इस बीच जानकारी मिली कि जोगी बिल्हा थाना क्षेत्र के रायपुर बिलासपुर हाइवे से लगे एक हॉटल के पास रूकेंगे। खबर मिलते ही जनता कांग्रेस नेताओं के साथ पत्रकार भी 12 बजे से पहले पहुंच गए। जबकि जोगी का एम्बुलेन्स करीब 10 बजकर 45 मिनट पर गौरेला वाया बिलासपुर के लिए रवाना हुआ। लेकिन पुलिस तंत्र और जिला प्रशासन को इस बात की भनक लग गयी। जोगी के एम्बुलेन्स को हाटल से पहले ही किसी दूसरे रास्ते से गौरेला ले जाया गया।

                         जोगी का इंतजार कर रहे जनता कांग्रेस के जिला अध्यक्ष विक्रांत तिवारी और ज्वाला प्रसाद ने प्रशासन की जमकर आलोचना की। विक्रांत ने कहा कि अमति जोगी को रायपुर से गौरेला पहुंचने में करीब 4 से पांच घंटे लगेंगे। जेल  मैन्युवल के अनुसार चार घंटे की यात्रा के बीच उन्हें कम से कम एक घंटा विश्राम दिया जा सकता है। लेकिन जिला और जेल प्रसासन ने ऐसा ना कर अमित जोगी के एम्बुलेन्स को किसी दूसरे रास्ते से गौरेला ले जाया गया।

                                        विक्रांत तिवारी ने बताया कि हमसे नहीं मिलने दिया जाता..हम इसके लिए तैयार भी हैं। लेकिन हमारे प्रदेश अध्यक्ष को गंभीर बीमारी के बीच लम्बी यात्रा के दौरान जेल मैन्युवल के अनुसार विश्राम दिया जाना चाहिए था। लेकिन ऐसा नहीं किया गया। तिवारी ने बताया कि जोगी की तबीयत अभी पूरी तरह से ठीक नहीं है। सिर्फ परेशान करने के लिए ही उन्हें अन्य रास्ते से गौरेला ले जाया गया। यह जानते हुए भी कि जब नेशनल हाइवे की हालत ठीक नही है। पहुंच मार्ग की क्या स्थिति हो सकती है। जोगी की हालत गंभीर हो सकती है।

          ज्वाला प्रसाद और तिवारी ने कहा कि हमें शक ही नहीं बल्कि पूरा विश्वास भी हो गया है कि शासन प्रशासन हमारे नेता को जानबूझकर परेशान कर रहा है। सोची समझी रणनीति के तहत पहले एफआईआर दर्ज कराया गया। फिर ठीक से इलाज नहीं हुआ। दिल्ली की वजाय अमित जोगी रायपुर में इलाज कराया गया। जबकि बालाजी के डॉक्टरों ने स्पष्ट कर दिया है कि अमित जोगी की हालत ठीक नहीं है। बावजूद इसके प्रदेश अध्यक्ष के साथ अमानवीय व्यवहार किया जा रहा है।

                   तिवारी ने जानकारी दी कि हम पता लगाएंगे कि अब जोगी की हालत कैसी है। यदि यात्रा के दौरान किसी प्रकार की लापरवाही पायी गयी तो उग्र आंदोलन करेंगे।

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