छत्तीसगढ़ में ‘गुड गवर्नेंस इनिशिएटिव्ह मॉडल ग्राम पंचायत’ कार्यक्रम लागू,एसीएस मण्डल ने सभी कलेक्टरों को लिखा पत्र

रायपुर-छत्तीसगढ़ में ‘गुड गवर्नेंस इनिशिएटिव्ह मॉडल ग्राम पंचायत’ कार्यक्रम लागू हो गया है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गांरटी (मनरेगा) के अंतर्गत ग्राम पंचायतों में जॉब कॉर्ड, सात तरह के रजिस्टर, वर्क फाइल और नागरिक सूचना पटल के बेहतर संधारण और प्रबंधन के लिए इस कार्यक्रम के तहत चयनित पंचायतों के रोजगार सहायकों तथा ग्राम सचिवों को प्रशिक्षित किया जाएगा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव आर.पी. मंडल ने कार्यक्रम के समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए सभी कलेक्टरों को पत्र लिखा है। उन्होंने कलेक्टरों को इसमें विशेष रूचि लेते हुए साप्ताहिक समीक्षा बैठकों में इसे प्राथमिक एजेंडा के रूप में शामिल करने के भी निर्देश दिए हैं।भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय के ‘गुड गवर्नेंस इनिशिएटिव्ह मॉडल ग्राम पंचायत’ कार्यक्रम के तहत ग्राम पंचायत कार्मिकों के क्षमता विकास के लिए उन्हें नियमित रूप से, एवं विशेष प्रशिक्षण देकर जनपद पंचायत और जिला पंचायत द्वारा मॉनिटरिंग की जाएगी। राज्य स्तर पर संवाद के लिए कार्यशालाएं भी आयोजित की जाएंगी।सीजीवालडॉटकॉम के व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिए यहां क्लिक करे

साथ ही मैदानी स्तर पर हुए कार्यों का दस्तावेजीकरण भी किया जाएगा। मनरेगा कार्यों से संबंधित दस्तावेजों और जानकारियों के बेहतर संधारण व प्रबंधन से इसमें पारदर्शिता तथा जवाबदेही आने के साथ ही लोगों तक जानकारी पहुंचाने और सोशल-ऑडिट में सहूलियत होगी।कार्यक्रम को 45 दिनों में छह चरणों में पूर्ण किया जाएगा। इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पहले चरण में मॉडल पंचायत के लिए सभी जिलों में तीन-तीन ग्राम पंचायतों का चयन कर लिया गया है। वहां के कार्मिकों को विशेष तौर पर प्रशिक्षित कर मॉडल ग्राम पंचायत के रूप में तैयार किया जाएगा। जिले की अन्य पंचायतें नियमित अंतराल पर मॉडल ग्राम पंचायतों का शैक्षणिक भ्रमण कर गुड गवर्नेंस इनिशिएटिव्ह के बारे में व्यवहारिक समझ विकसित करेंगी

इससे ग्राम पंचायतों के कार्मिकों के बीच अंतर-व्यैक्तिक संचार होगा और वे गुड गवर्नेंस इनिशिएटिव्ह के बारे में अपने अनुभव व श्रेष्ठ तरीकों को साझा कर सकेंगे। कार्यक्रम के दूसरे चरण में मॉडल पंचायत के रूप में चयनित ग्राम पंचायतों के रोजगार सहायकों और पंचायत सचिवों के मार्गदर्शन एवं सहयोग के लिए तकनीकी सहायक या उप अभियंता को नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा। तीसरे चरण में गुड गवर्नेंस इनिशिएटिव्ह के क्रियान्वयन पर चारों अधिकारियों के लिए दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा। चौथे चरण में मॉडल ग्राम पंचायतों के रोजगार सहायक एवं पंचायत सचिव वित्तीय वर्ष 2018-19 में पूर्ण होने वाले सभी निर्माण कार्यों की वर्क फाइल बनाने के साथ सभी सात रजिस्टरों को अद्यतन करेंगे।

पांचवें चरण में मॉडल पंचायतों में मनरेगा के तहत जारी सभी जॉब कॉर्डों, रजिस्टरों और वर्क फाइलों को व्यवस्थित रूप से रखा जाएगा। सभी कार्यों के नागरिक सूचना पटल में संबंधित कार्य की जानकारी समुचित रूप से प्रदर्शित की जाएगी। छठवें और अंतिम चरण में सभी मॉडल पंचायतों के रोजगार सहायकों और पंचायत सचिवों की राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। इसमें सभी प्रतिभागियों से गुड गवर्नेंस इनिशिएटिव्ह के क्रियान्वयन एवं उन्हें दिए गए प्रशिक्षण के बारे में फीडबैक लिया जाएगा

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