पॉवर चैयरमैन ने बताया…अधिकारियों ने किया चुनौती का सामना…कड़ी मेहनत से किया आदिवासी अंचल को ऱोशन

रायपुर— छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी अध्यक्ष ने दावा किया है कि प्रदेश के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों की विद्युत अधोसंरचना को बेहतर बनाने का काम प्राथमिकता से किया जा रहा है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देशानुसार बस्तर वनांचल की विद्युत व्यवस्था को बेहतर बनाने 75 करोड़ की लागत से 220/132/33 केवी उपकेंद्र की स्थापना की गयी है। उपकेंद्र से 200 एमवीए क्षमता की बिजली मिलेगी। पावर कंपनीज अध्यक्ष शैलेंद्र कुमार शुक्ला ने जानकारी दी कि उपकेंद्र स्थापित होने से वनांचल में विद्युत आपूर्ति  के साथ ही प्रस्तावित जगदलपुर-कोंडागांव-नारायणपुर-रावघाट-भानुप्रतापपुर रेलवे लाइन को फायदा होगा। र
                   पावर कम्पनी चेयरमैन ने बताया कि  नये उपकेंद्र के शुरू होने से प्रदेश में अब 220/132 केवी उपकेंद्रों की संख्या बढ़कर 25 हो गयी है। राज्य गठन के समय प्रदेश में केवल पांच उपकेंद्र हुआ करते थे। शैलेन्द्र शुक्ला ने बताया कि नारायणपुर जिला मुख्यालय से लगभग 10 किमी दूर स्थित नेलवाड़ में उपकेन्द्र को स्थापित करने के दौरान अनेक चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। ट्रांसमिशन कंपनी के अधिकारियों-कर्मचारियों ने तन मन के साथ चुनौतियों का सामना किया। एमडी ट्रांसमिशन तृप्ति सिन्हा समेत कंपनी अधिकारी और कर्मचारियों ने उपकेंद्र को सफलतापूर्वक स्थापित किया। पावर कम्पनी चैयरमैन ने बताया  इस नए क्रियाशील उपकेंद्रों को शामिल कर अब प्रदेश में अतिउच्चदाब उपकेंद्रों की संख्या 120 हो गयी। राज्य गठन के समय संख्या मात्र 26 थी।
                    बिजली से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि नारायणपुर 220/132/33 केवी उपकेंद्र की स्थापना से पहले आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र को 132/33 केवी मसौरा कोंडागांव उपकेंद्र से बिजली सप्पालई होती थी। लगभग 50 किलोमीटर 33 केवी लाइन घने जंगलों से होते हुए नारायणपुर तक जाती थी। आमजन को लो-वोल्टेज की समस्याओं से दो चार होना पड़ता था।
                                          शैलेन्द्र कुमार ने बताया कि उपकेन्द्र को लगभग 39 करोड़ रूपए की लागत से स्थापित किया गया है। उपकेंद्र को शुरू करने के लिए लगभग एक करोड़ रुपए की लागत से 220 केवी भिलाई-बारसूर लाइन का लिलो लाइन 1.10 किमी और 33.24 करोड़ की लागत से 132 केवी नारायणपुर-कोंडागांव लगभग 50 किमी ट्रांसमिशन लाइन का निर्माण किया गया है। 220/132/33 केवी उपकेंद्र नारायणपुर के निर्माण से ओरछा, कोंडागांव, माकड़ी, कटे कल्याण, बेनूर, छोटे डोंगर, कुंडला, काकाबेड़ा आदि के लगभग 125 गांव एवं उसके आसपास के क्षेत्र के लोग लाभान्वित होंगे।

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