“इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेन्स” की जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी को मिली मान्यता..मानव संसाधन विकास मंत्रालय भारत सरकार ने की घोषणा

रायपुर।ओपी जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी को भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने ’इंस्टीट्यूट आॅफ एमिनेन्स’ के रूप में मान्यता दे दी है। इसके साथ ही यह प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी देश के टाॅप-10 निजी विश्वविद्यालयों की सूची में शामिल हो गई है और अब यह पूरी तरह विनियामक नियंत्रण से मुक्त होकर पूर्ण स्वायत्त विश्वविद्यालय के रूप में संचालित हो सकेगी। मंत्रालय ने मंगलवार को नई दिल्ली में इसकी घोषणा की।इस बड़ी उपलब्धि पर ओपी जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी के संस्थापक कुलाधिपति एवं संरक्षक नवीन जिंदल ने प्रसन्नता जाहिर करते हुए भारत सरकार और मानव संसाधन विकास मंत्रालय का देश में अंतर्राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए किए जा रहे प्रयासों को सम्मानित करने पर आभार जताया है। उन्होंने कहा कि जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी की स्थापना मेरे पिता ओपी जिंदल की याद में, देश और दुनिया के युवाओं को नई संभावनाएं उपलब्ध कराने वाले शैक्षणिक संस्थान के तौर पर की गई थी। उत्कृष्टता के प्रति हमारी प्रतिबद्धता हमारे दृष्टिकोण और लक्ष्य मंे अंर्तनिहित है।सीजीवालडॉटकॉम के व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिए यहां क्लिक करे

स्थापना के दस वर्षों के भीतर ही ’इंस्टीट्यूट आॅफ एमिनेन्स’ की मान्यता संस्थान के अनुभवी प्राध्यापकों, प्रतिबद्ध कर्मचारियों और जिज्ञासु विद्यार्थियों के अभूतपूर्व योगदान के कारण ही संभव हुई है। इससे विश्वविद्यालय के विस्तार और उत्कृष्टता व नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में नई संभावनाएं पैदा होंगी। यह राष्ट्र निर्माण की दिशा में हमारी यात्रा के नए युग की घोषणा है।

ओपी जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी के संस्थापक कुलपति प्रोफेसर (डाॅ.) सी राजकुमार ने कहा कि ’इंस्टीट्यूट आॅफ एमिनेन्स’ के रूप में मान्यता हमें यूनिवर्सिटी की दसवीं वर्षगांठ के दौरान मिली है। उन्होंने कहा कि हमारी पूरी टीम संस्थान को टाॅप ग्लोबल यूनिवर्सिटी बनाने के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में ’इंस्टीट्यूट आॅफ एमिनेन्स’ की मान्यता हासिल करने के लिए प्रतिबद्धता से जुटी हुई थी। उन्होंने दूरदर्शी नेतृत्व और प्रेरक योगदानों के लिए कुलाधिपति नवीन जिंदल का आभार जताते हुए कहा कि उन्होंने शैक्षणिक स्वतंत्रता और संस्थागत स्वायत्ता के साथ समाज के लिए एक बड़ा योगदान देते हुए इस विश्वविद्यालय की स्थापना की थी। उन्होंने भारत सरकार, मानव संसाधन विकास मंत्रालय, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग और अधिकार प्राप्त विशेषज्ञ समिति को संस्थान की क्षमताओं पर विश्वास जताने के लिए आभार ज्ञापित किया।
उल्लेखनीय है कि दिल्ली के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र सोनीपत में स्थित ओपी जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी ने वल्र्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में शामिल होने के लिए 15 वर्षों की विस्तृत और महत्वाकांक्षी योजना तैयार की है। जुलाई 2019 में विश्वविद्यालय को क्यूएस द्वारा दुनिया की टाॅप-150 यंग यूनिवर्सिटी की सूची में जगह दी गई थी, जिनकी स्थापना को 50 वर्ष से कम समय हुआ है। जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी इस सूची में शामिल की गई देश की इकलौती प्राइवेट यूनिवर्सिटी है। 

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