समाज कल्याण विभाग की योजनाओं का लाभ लेने जरूरी होगा पहचान पत्र,पढिए इस तारीख तक कराना होगा आधार नामांकन

रायपुर।समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए इच्छुक व्यक्ति को आधार या उसे अभिप्रमाणन की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। यदि किसी पात्र व्यक्ति ने आधार के लिए अब तक नामांकन नहीं कराया है, उसे एक अक्टूबर 2019 तक आधार नामांकन के लिए आवेदन करना होगा। ऐसे हितग्राहियों के लिए राज्य शाासन द्वारा जिला आधार नामांकन केन्द्रों के सहयोग से सुविधाजनक स्थानों पर आधार नामांकन की सुविधा उपलब्ध करायी जाएगी। हितग्राही किसी नजदीकी आधार नामांकन केन्द्र में आधार के लिए आवेदन कर सकते हैं। किसी व्यक्ति को आधार मिलने तक अन्य दस्तावेज उपलब्ध कराने पर योजनाओं का लाभ दिया जाएगा।छत्तीसगढ़ आधार (वित्तीय और अन्य सहायिकियों, प्रसुविधओं और सेवाओं का लक्षित परिदान तथा सूचना का संरक्षण) अधिनियम 2018 की धारा 3 एवं 4 के अनुसरण में राज्य शासन द्वारा समाज कल्याण विभाग की योजनाओं के लाभ के लिए जरूरी दस्तावेजों संबंधी अधिसूचना विगत 20 अगस्त को छत्तीसगढ़ राजपत्र (असाधारण) में प्रकाशित की गई है। मंत्रालय से समाज कल्याण विभाग द्वारा जारी अधिसूचना प्रकाशन तिथि से सभी जिलों में प्रभावी हो गई है।

आधार नंबर उपलब्ध होने तक इच्छुक व्यक्ति द्वारा आधार नामांकन पहचान पर्ची या आधार नामांकन के लिए उनके द्वारा दी गई अनुरोध की प्रति और भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी मतदाता पहचान पत्र, राशन कार्ड, फोटोयुक्त बैंक पासबुक, पेन कार्ड या पासपोर्ट, ड्राइविंग लायसेंस, किसी राजपत्रित अधिकारी या किसी तहसीलदार द्वारा उसके शासकीय पत्र पर जारी ऐसे सदस्य की फोटो सहित कोई पहचान प्रमाण पत्र, किसान फोटो पास बुक, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारण्टी अधिनियम कार्ड या राज्य सरकार द्वारा विनिर्दिष्ट कोई अन्य दस्तावेज में से कोई एक दस्तावेज उपलब्ध कराने पर योजनाओं के अधीन सुविधा प्रदान की जाएगी। इसके लिए राज्य सरकार या जिला कार्यालय के प्राधिकारी द्वारा दस्तावेजों की जांच की जाएगी।

उल्लेखनीय है कि प्रकाशित अधिसूचना के अंतर्गत समाज कल्याण विभाग की सामाजिक सहायता कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना, सुखद सहारा योजना, मुख्यमंत्री पेंशन योजना तथा तीरथ बरत योजना, दिव्यांगजन छात्रवृत्ति योजना, दिव्यांगजन, वरिष्ठ नागरिक, तृतीय लिंग के व्यक्तियों का सर्वेक्षण, दिव्यांगजन के शिक्षण-प्रशिक्षण हेतु शासकीय-अशासकीय संस्थाएं, कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण योजना, सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना, शिक्षा प्रोत्साहन योजना और छात्रगृह योजना शामिल हैं।

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