अब 11 अक्टूबर को होगा प्रतिपरीक्षण…लाठी चार्ज को लेकर होना था बयान…विपक्ष की मांग पर मिली नई तारीख

बिलासपुर—कांग्रेस कार्यालय में घुसकर पुलिस लाठी चार्ज मामले में शुक्रवार को एडीएम उइके के कोर्ट में प्रतिपरीक्षण के लिए वादी और प्रतिवादी को बुलाया गया। कांग्रेस नेताओं ने बताया कि शुक्रवार को चार लोगों का प्रतिपरीक्षण होना था। लेकिन विरोधी अधिवक्ता की मांग पर पेशी को 11 अक्टूबर तक के लिए बढ़ा दिया गया।
                     शुक्रवार को एडीएम उइके की कोर्ट में लाठी चार्ज को लेकर कांग्रेस के चार नेताओं को प्रतिपरीक्षण के लिए बुलाया गया। लेकिन विपक्षी वकील की मांग पर प्रतिपरीक्षण कार्यवाई को टाल दिया गया। मजिस्ट्रेट कोर्ट ने प्रतिपरीक्षण की तारीख 11 अक्टूबर दिया है। शुक्रवार को जिला ग्रामीण अध्यक्ष विजय केशरवानी, शहर कांग्रेस अध्यक्ष नरेन्द्र बोलर, शहर महिला कांग्रेस उपाध्यक्ष सीमा सोनी और स्वाती रजक का प्रतिपरीक्षण होना था।
             बताते चलें कि कांग्रेस भवन में 18 सितम्बर 2018 को पुलिस लाठी चार्ज की घटना हुई थी। घटना को लेकर प्रदेश और देश में जमकर विरोध हुआ। तात्कालीन मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंंह ने मामले में मजिस्ट्रेट जाच का आदेश दिया था। इसी क्रम में प्रतिपरीक्षण 20 सितम्बर को उइके के न्यायालय में शुक्रवार को ग्रामीण अध्यक्ष विजय केशरवानी, शहर अध्यक्ष नरेंद्र बोलर,शहर कांग्रेस के उपाध्यक्षा सीमा सोनी और स्वाति रजक का होना था। लेकिन कोर्ट विजय केशरवानी और सीमा पाण्डेय नहीं पहुंच सकी। लेकिन नरेन्द्र बोलर और सीमा सोनी का भी प्रतिपरीक्षण नहीं हुआ। विपक्ष की मांग पर पेशी को 11 अक्टूबर दोपहर 2 के लिए टाल दिया गया।
                     प्रतिपरीक्षण के लिए कोर्ट में कांग्रेस की तरफ  से अधिवक्ता वीरेंद्र गौरहा,हेमन्त दृघस्कर,दिनेश सिंह ने मामले को पेश किया। इस दौरान कोर्ट परिसर में प्रदेश महामंत्री अटल श्रीवास्तव,सचिव महेश दुबे,प्रवक्ता ऋषि पांडेय,शहर महामंत्री धर्मेश शर्मा,देवेंद्र सिंह,राकेश सिंह,ब्लाक अध्यक्ष अरविंद शुक्ला,अजय यादव,पार्षद दीपांशु श्रीवास्तव,अजय काले ,कवलजीत चावला,अमित दुबे,प्रखर सोनी, राकेश हंस भी मौजूद थे।

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