गृहमंत्री ने कहा…टकराव रणनीति का हिस्सा…नहीं बोला जूता मारो, कालर पकड़ो…अभी नहीं देखा पुलिस भर्ती का लिफाफा

बिलासपुर-–प्रभारी मंत्री ने प्रेसवार्ता में कहा कि संगठन हमेशा से प्रमुख रहा है। संगठन में किसी प्रकार का टकराव नहीं है। बैठक में संगठन को लेकर प्राथमिकता से चर्चा होती है। किसी बात विशेष को लेकर बातें नहीं होती। लखमा ने स्पष्ट कर दिया है कि उन्होने जूता मारने या कालर पकड़ने के बाद नेता बनते है वाला बयान नहीं दिया है। बृहस्पति सिंह का नाराजगी का कारण कुछ है ही नहीं…। बिलासपुर में भी संगठन और विधायक में टकराव नहीं है। संगठन का मामला आंतरिक होता है। आंतरिक मामले को सुलझा लिया जाएगा। सवाल जवाव के दौरान ताम्रध्वज साहू ने इंकार किया कि हम पिछली सरकार के कामकाज को शक की नजर से देख रहे हैं। जल्दी ही पुलिस भर्ती वाली फाइल को भी देखा जाएगा। जिला प्रशासन को आज डीएमएफ की बैठक में कहा गया है कि राशि को प्राथमिकता के आधार पर खर्ज किया जाएगा। पुराने मामलों का विष्लेषण जरूर किया जाएगा।
                                   ताम्र ध्वज साहू ने एक दिवसीय प्रवास के दौरान पत्रकारों से बातचीत की। उन्होने बताया कि प्रभारी मंत्री होने के कारण आज तीन बैठकों में भाग लिया। जरूरी दिशा निर्देश दिया गया। डीएमएफ बैठक में स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि राशि को काम की प्राथमिकता के आधार पर खर्च किया जाए। पुरानी सरकार पर आरोप नहीं लगा रहा हूं। लेकिन राशि का सही जगह उपयोग नहीं किया गया। इस बात को लेकर अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है।
           क्या बिलासपुर कांग्रेस संगठन में टकराव है। अध्यक्ष ने पार्षद को नोटिस क्या दिया..विधायक ने अध्यक्ष को चेतावनी वाला पत्र थमा दिया। सवाल के जवाब में ताम्रध्वज साहू ने कहा कि विधायक और अध्यक्ष के बीच किसी प्रकार का टकराव नहीं है। मनमुटाव भी नही है। विधायक समझदार हैं..शहर अध्यक्ष के पास कार्यकाल का लंबा अनुभव है। हो सकता है लोगो से भेद लेने के लिए दोनों ने कोई आंतरिक रणनीति बनाई हो। दिखावे के लिए लड़ाई का स्वांग रचा हो। पार्षद को नोटिस के जवाब में साहू ने कहा कि पार्टी का आंतरिक मामला है।  संगठन स्तर पर चर्चा कर सुलझा लिया जाएगा।
                                       एक सवाल के जवाब में साहू ने कहा कि हमारा प्रयास 13 नगर निगमों का चुनाव जीतने का है। सभी नगर निगम में कांग्रेस के ही महापौर बनेंगे। दुर्ग के सांसद रहे…लोकसभा में फिर भी हार गए…बिलासपुर के प्रभारी मंत्री हैं…यहां लोकसभा ही नहीं बल्कि विधानसभा में भी करारी हार मिली।  लगातार हार के मद्देनजर क्या संगठन में बदलाव किया जाएगा। साहू ने बताया कि कोई कारण होगा तो बदलाव जरूर किया जाएगा। लोकसभा में हार जीत को लेकर संगठन में बदलाव नही किया जा सकता। क्योंकि लोक सभा चुनाव में हम सभी जगह हारे थे। इसके लिए संगठन को दोष दिया जाना ठीक नहीं है। बिलासपुर जिले में विधानसभा में हार मिली…इसका अर्थ यह नहीं कि निगम चुनाव पर प्रभाव पड़ेगा। हमारे कार्यकर्ता सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाएंगे। निकाय चुनाव में कांग्रेस की जबरदस्त जीत होगी।
                      लगातार हार से बाहर निकलने के लिए क्या रणनीति तैयार किया है आपने…साहू ने बताया कि चुनाव की सारी रणनीति सार्वजनिक नही की जा सकती है। लेकिन आगामी नगर निगम चुनाव में कांग्रेस की धमाकेदार जीत होगी। चुनाव को ध्यान में रखते हुए जनता की मांग पर विकास कार्य किया जा रहा है। विकास और सरकार की उपलब्धियों को जरूर मुद्दा बनाया जाएगा। साथ ही जनता की मांग के अनुसार विकास कार्य किया जाएगा।
                                         हुक्का बार, चखना और अवैध शराब बिक्री में जिले के आलाधिकारियों का समर्थन हैं। ताम्रध्वज साहू ने कहा कि यदि आप बता रहे है तो मामला गंभीर है। यदि कोई अधिकारी इस तरह के कार्यों में संलिप्त पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई करने में एक मिनट भी नहीं लगेगा। हम मामले को ना केवल गंभीरता से ले रहे हैं…बल्कि इस दिशा में काम करते हुए अधिकारियों की कामकाज की जानकारी भी लेंगे। इंतजार करिए जल्द ही मसले में रणनीति बनाकर कार्रवाई करेंगे।
                               पुलिस विभाग में अटकी हुई भर्तियों का परिणाम अभी तक सामने नहीं आया है। आखिर रिजल्ट जारी करने में क्या परेशानी है। साहू ने बताया कि सरकार की कुछ प्रातमिकताएं है। काम को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जा रहा है। पहले हमने कर्ज माफ किया…बोनस मूल्य बढ़ाया…बिजली बिल हाफ किया…समर्थन मूल्य बढ़ाया। हम प्राथमिकता के आधार पर काम कर रहे हैं। भर्ती में सत्तर हजार लोगों ने आवेदन किया…2259 लोगों का चयन किया गया। जल्द ही उस तरफ भी जाएंगे। काम बहुत है…सभी को पूरा किया जाएगा।
         आप पूर्व सरकार की सभी काम काज को शक की नजर से देख रहे हैं..माना जाए कि भर्ती में घोटाला हुआ है…साहू ने कहा कि शक की नजर से देखना ठीक नहीं है। प्राथमिकता की नजर से देखें। अभी हमने बंद लिफाफा को देखा तक नहीं है…फिर घोटाला जैसी बात क्यों कहूं..देखेंगे कि आखिर भर्ती में क्या कुछ अब तक हुआ है। इसलिए भर्ती पर सरकार ध्यान नही दे रही है।
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