शिक्षकों की तबादला सूची का बेसब्री से इंतज़ार, मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से उमा जाटव की अपील-महिलाओं को मिले प्राथमिकता

बिलासपुर।प्रदेश के शिक्षक कई सालों से स्थानांतरण नीति की बाट जो रहे थे। संविलियन के बाद  शिक्षको को आस जगी थी, कि उनका स्थानांतरण होगा कब वे अपने ग्राम की ओर प्रस्थान करेंगे। शासन ने अब तक जितने भी जिला स्तर और अंतर जिला स्तर पर स्थानांतरण किये है, वे पर्याप्त नही है। यह प्रेस नोट जारी करते हुए नवीन शिक्षा कर्मी संघ की महिला प्रदेश अध्यक्ष उमा जाटव ने बताया कि प्रदेश के शिक्षकों को आगामी स्थानांतरण सूची का बेसब्री से इंतजार है। जिसे जल्द से जल्द जारी किया जाना चाहिये।सीजीवालडॉटकॉम के व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

उमा जाटव ने बताया कि संघ की ओर से प्रदेश के शिक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री भुपेश बघेल से अपील है कि शिक्षको की स्थानांतरण प्रक्रिया को बाधित न किया जाय।  इस प्रक्रिया चलते रहने दिया जाय  ताकि  शिक्षको के स्थानांतरण का क्रम चलता रहे। और जिनका संविलियन नही हुआ है। जिन्होंने ने आवेदन दे दिया है, उन मामलों को भी स्थानांतरण प्रक्रिया में अमल में लाया जाए।

उमा जाटव ने बताया कि शिक्षक केवल सरकार का वेतन भोगी कर्मचारी नही है। शिक्षक देश का भविष्य गढ़ता है। शिक्षक खुद की  कई समस्याओं के बीच भी कई आंचलिक क्षेत्रों में आपनी सेवाए दे रहा है।शिक्षा विभाग शिक्षको के प्रशासनिक स्थानांतरण पर विचार करे यह व्यवस्था शिक्षको पर लागू नही किया जाना चाहिए। प्रशासनिक स्थानांतरण शिक्षको को मानसिक रूप से प्रताड़ित करता है।

महिला प्रदेश अध्यक्ष उमा जाटव ने बताया कि नवीन शिक्षा कर्मी संघ अब तक शिक्षक हित मे हुए आंदोलनो में शासन को दिए गए ज्ञापनों में स्थानांतरण नीति की मांग को प्रमुखता शासन के समक्ष रखता रहा है।

संविलियन से पूर्व हुए मोर्चे के आंदोलन में मोर्चे के संचालक विकास राजपूत ने शासन के साथ हुई बैठकों में शिक्षक संवर्ग के लिए खुली स्थानांतरण नीति को लागू करने की मांग भी कई बार रख चुके है। संघ स्थानांतरण सूची को जारी करने महिला शिक्षको को स्थानांतरण में प्राथमिकता देने  और प्रशासनिक स्थानांतरण को शिक्षको पर लागू नहीं करने की मांग करता है।

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