कार्रवाई-उदंती-सीता नदी टाईगर रिजर्व की अवैध कटाई मामले में तीन अधिकारी निलंबित

रायपुर-उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में ओडिशा के ग्रामीणों द्वारा बड़े पैमाने पर जंगल की कटाई कर बस्ती बसाने के मामले में PCCF वाइल्ड लाइफ ने शुक्रवार को एक रेंज अफसर सहित तीन वनकर्मियों को निलंबित कर दिया है। वनकर्मियों को निलंबित करने की असल वजह पेड़ों की कटाई होने की जानकारी मिलने के बाद भी आरोपियों के खिलाफ किसी तरह से कोई कार्रवाई नहीं करना तथा इस बात की जानकारी वन मुख्यालय को नहीं देना बताया जा रहा है। जंगल कटाई मामले में पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ अतुल शुक्ला ने इंदागांव बफर जोन के रेंज अफसर नीलकंठ गंगवेर, पीपल खूंटा बीट गार्ड सत्यनारायण प्रधान तथा पीपल खूंटा रेंज असिस्टेंट चंद्रशेखर ध्रुव को निलंबित किया है।सीजीवालडॉटकॉम के व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिए यहां क्लिक करे

उदंती.सीतानदी में बड़े पैमाने पर ओडिशा के ग्रामीणों द्वारा कब्जा करने के मामले में अधिकारियों की लापरवाही बरतने की बात सामने आई है। टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर रायपुर में रहते हैं और कभी-कभार ही वहां आना.जाना करते हैं। पूर्व में वहां डिप्टी डायरेक्टर के पद पर एसडीओ रैंक के अधिकारी को बैठाकर रखा जाता था। इससे पूरा वन अमला बेकाबू होकर कार्य करने लगा और कोई भी जंगल नहीं जाता था। उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के क्षेत्रीय डायरेक्टर का कार्यालय रायपुर में है।

गूगल ने खोला जंगल का राज इंदागांव के कंपार्टमेंट 1219 की वर्ष 2014 और वर्ष 2018 के गूगल अर्थ से प्राप्त फोटो से पता चलता है कि वर्ष 2014 में वहां घना जंगल हुआ करता था। गूगल अर्थ के ताजा फोटो चौंकाने वाले हैं, जिसमें बड़े पैमाने पर जंगल की कटाई होने की बात सामने आई है। जानकारों का कहना है कि अगर पिछले 10 वर्षों में हुई कटाई की पूरी जांच वैज्ञानिक तरीके से जीपीएस कॉर्डिनेट के माध्यम से की जाए तो वन विभाग को कम से कम 3 से 4 महीने लग जाएंगे। इसके बाद ही जंगल कटाई की वास्तविक स्थिति सामने आ पाएगी।

loading...
loading...

Comments

  1. By Ashok Kumar Verma

    Reply

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

loading...