60 साल की उम्र के लोग भी हो सकते हैं डिजिटल साक्षर, सरकार ने शुरू की योजना

कोण्डागांव।राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण छत्तीसगढ़ द्वारा देश में पहली बार डिजीटल साक्षरता के लिये ‘‘ मुख्यमंत्री शहरी कार्यात्मक साक्षरता कार्यक्रम ’’ प्रारम्भ किया गया है। प्रेस को जानकारी देतु हुए जिला लोक शिक्षा समिति, कोण्डागांव के जिला परियोजना अधिकारी संजय कुमार राठौर ने बताया कि इस कार्यक्रम के तहत प्रथम चरण में राज्य में 27 जिलो में 36 केन्द्र स्वीकृत किये गये है, जिसमें कोण्डागांव भी एक है। मुख्यमंत्री ई-साक्षरता केन्द्र के नाम से प्रारम्भ इन केन्द्रो में प्रशिक्षित ई-एजुकेटरो द्वारा 25 शिक्षार्थियों के एक बैच में एक माह की समय-सीमा में पाठ्यक्रम अनुसार डिजीटल साक्षरता प्रदान किया जा रहा है।सीजीवालडॉटकॉम के व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिए यहां क्लिक करे

कोण्डागांव में कलेक्टर नीलकंठ टेकाम के मार्गदर्शन एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी नुपुर राशि पन्ना के दिशानिर्देश में 14 वर्ष से 60 वर्ष आयु वर्ग के वंचित वर्ग के शिक्षार्थी इस केन्द्र में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे है। डिजीटल साक्षरता के अलावा उन्हे व्यक्तित्व विकास, श्रेष्ठ पालकत्व, वित्तीय ,कानूनी व चुनावी साक्षरता , आत्म रक्षा ,नागरिक कर्तव्य , कौशल विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। प्रत्येक माह के प्रथम तारीख से प्रारम्भ कर 30 दिन के निर्धारित पाठ्यक्रम के पश्चात जिला स्तर पर आंतरिक मूल्यांकन एवं बाह्य मूल्यांकन ‘‘चिप्स‘‘ द्वारा आॅंन-लाईन किया जाकर आॅंन-लाईन प्रमाण प्रदान किया जा रहा है। कोण्डागांव में ई-साक्षरता केन्द्र आश्रय स्थल, एन.सी.सी ग्राऊड के पास संचालित है।

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शिक्षार्थियों को प्रत्येक दिन प्रातः 12ः00 बजे से 02ः00 बजे तक म्.साक्षरता केन्द्र, आश्रय स्थल-कोण्डागांव में निःशुल्क प्रशिक्षण प्रदान करते हुए सफल शिक्षार्थियों को 600 रूपये प्रोत्साहन राशि भी शासन द्वारा प्रदान किया जाता है । इस प्रशिक्षण में भाग लेने के लिए इच्छुक प्रतिभागी ई-साक्षरता केन्द्र आश्रय स्थल कोण्डागांव में प्रशिक्षण अवधि में सम्पर्क कर सकते है।

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