जिले के प्रभारी सचिव ने ली समीक्षा बैठक,कहा-अधिकारी समर्पित भाव से करेें कार्य

रामानुजगंज(पृथ्वीलाल केशरी) छत्तीसगढ़ शासन श्रम विभाग के सचिव एवं जिले के प्रभारी सचिव सुबोध कुमार सिंह ने जिले में चल रहे विभिन्न विभागों द्वारा संचालित विभागीय कार्यों की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने बैठक में विभिन्न योजनाओं की समीक्षा करते हुए सभी विभाग प्रमुखों से जानकारियां ली तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। प्रभारी सचिव ने जिला प्रशासन को शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं के संचालन में विशेष ध्यान देने को कहा।

उन्होंने कृषि,शिक्षा, स्वास्थ्य,उद्यानिकी एवं अन्य विभाग प्रमुखों को कार्य क्षेत्र में रचनात्मक दृष्टिकोण अपनाने के लिए कहा। पराम्परागत् रूप से संचालित कार्य प्रणाली के स्थान पर नवाचार को बढ़ाने की दिशा में आवश्यक कदम उठाने की बात कही।

समीक्षा बैठक के दौरान जिले के प्रभारी सचिव  सुबोध सिंह ने राजस्व विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा करते हुए भूमि का सीमांकन,नामांकन,बंटवारा तथा गिरदावरी के कार्यों के बारे में जानकारी ली तथा गिरदावरी के सत्यापन का कार्य 30 अक्टूबर तक पूर्ण करने को कहा।

उन्होंने जिले में बंटवारे के प्रकरणों की संख्या कम होने पर कहा कि भूमि खाता धारकों की मृत्यु के पश्चात् भूमि का बटवारा किया जाता है,अतः इस संबंध में आवश्यक कार्यवाही कर बटवारे का प्रकरण तय समय पर पूर्ण करें। प्रभारी सचिव सुबोध सिंह ने राजीव गांधी आश्रय योजना के प्रगति के संबंध में कलेक्टर से जानकारी ली।

उन्होंने मनरेगा योजना में हुए विकास कार्यों की वित्तीय एवं भौतिक जानकरी ली तथा मनरेगा अन्तर्गत होने वाले कार्यों की मजदूरी राशि के भुगतान में आ रही समस्याओं को तत्काल दूर करने के निर्देश दिये।

शासन की महत्वाकांक्षी योजना नरवा,गरूवा,घुरूवा एवं बाड़ी के संबंध में विस्तारपूर्वक चर्चा करते हुए उन्होंने गोठानों में हो रहे कार्यों के प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने गोठानों में वर्मी कम्पोस्ट बनाने के संबंध में संबंधित अधिकारी से चर्चा करते हुए आवश्यक सुझाव दिए,साथ ही कहा कि गोठानों में वर्मी कम्पोस्ट तैयार कर ग्रामीण बिक्री कर सकते हैं,जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हो पाएगा।वर्मी कम्पोस्ट से जैविक खेती के क्षेत्रफल को बढ़ाने की दिशा में मदद मिलेगी। उन्होंने नरवा के संबंध में सर्व एसडीएम एवं अन्य संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिये कि समय-समय पर नरवा का निरीक्षण करें,ताकि इसे बेहतर बनाया जा सके। घरों में स्थित बाड़ी को एक सुपोषण वाटिका के रूप में तैयार कर सुपोषण अभियान में शामिल करें,ताकि ताजी एवं पौष्टिक साग-सब्जियां परिवारों को सहज ही उपलब्ध हों।

महिला एवं बाल विकास विभाग तथा उद्यानिकी विभाग साथ मिलकर इस दिशा में कार्य करें। उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन द्वारा संचालित कार्यों की समीक्षा करते हुए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की जानकारी ली। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की कार्यों की जानकारी लेते हुए संस्थागत् प्रसव को महत्वपूर्ण बताया तथा इसे शत-प्रतिशत करने के लिए निर्देश दिये।

बच्चों को टीकाकरण समय पर हो इस दिशा में विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने हाट बाजार क्लीनिक योजना के संचालन की जानकारी लेते हुए मरीजों को इससे होने वाले फायदे के बारे में बताया। उन्होंने मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान को सरकार की फ्लैगशिप योजना बताते हुए इस पर विशेष ध्यान देने को कहा। जो माताएं कुपोषित हैं, उनको सुपोषित आहार के बारे में जानकरी दी जाए तथा उनके बच्चों को किस प्रकार का आहार दें, इस दिशा में जागरूक करें।

आंगनबाड़ियों में कर्मचारियों की उपलब्धता के बारे में भी जानकारी ली। इस क्रम में उन्होंने खाद्य विभाग से नये एपीएल राशन कार्ड बनाने एवं वितरण की समय-सीमा, शिक्षा विभाग से मध्यान्ह भोजन एवं छात्रवृत्ति राशि के वितरण,समाज कल्याण विभाग से पेंशन वितरण,कृषि विभाग से धान एवं मक्का खरीदी की तैयारियों के संबंध में जानकारी ली।

इसी प्रकार उद्यानिकी विभाग से बागानी फसलों के बारे में,मत्स्य विभाग से जिले में मत्स्य उत्पादन के बारे में,पशु पालन विभाग से बकरा-बकरी,बैकयार्ड पोल्ट्री के बारे में,श्रम विभाग से संचालित योजनाओं के बारे में जानकारी ली। प्रभारी सचिव ने अधिकारियों से कहा कि जिले को प्रगति के पथ पर आगे ले जाने के लिए समर्पित भाव से कार्य करें तथा नागरिकों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने की दिशा में प्रयास करें। बैठक में कलेक्टर संजीव कुमार झा,वन मण्डलाधिकारी बी.पी. सिंह, अपर कलेक्टर विजय कुमार कुजूर सहित जिला स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित थे।

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