भाजपा विधि प्रकोष्ठ संयोजक पर संदीप का हमला..कहा बन्द करें अनर्गल बयान…बताएं ओबीसी आरक्षण के समर्थक या विरोधी

बिलासपुर— कांग्रेस विधि प्रकोष्ठ प्रदेश अध्यक्ष, हाईकोर्ट अधिवक्ता संदीप दुबे ने भाजपा विधि प्रकोष्ठ के संयोजक के बयान को आड़े हाथ लिया है। संदीप दुबे ने कहा है कि स्थिति परिस्थिति को समझे बूझे बिना भाजपा विधि प्रकोष्ठ संयोजक का बयान बचकाना पन को जाहिर करता है। भाजपा विधि प्रकोष्ठ संयोजक को जानकारी होनी चाहिए कि महाधिवक्ता को प्रेस क्लब में बतौर मेहमान बुलाया गया था ना कि प्रेसवर्ता का आयोजन किया गया था। बावजूद इसके महाधिवक्ता ने संवैधानिक आचरण का पालन करते हुए कानूनी दायर में रहकर पत्रकारों की जिज्ञासाओं को शांत किया है।
                            बताते चलें कि एक दिन पहले हाईकोर्ट महाधिवक्ता को प्रेस क्लब में बतौर मेहमान बुलाया गया था। इस दौरान सतीशचन्द्र वर्मा ने पत्रकारों से संवाद किया। पत्रकारों के आरक्षण संबधित सवालों का जवाब दिया था। मामले को आड़े हाथ लेते हुए भारतीय जनता पार्टी विधि प्रकोष्ठ के संयोजक जयप्रकाश चंद्रवंशी ने महाधिवक्ता सतीशचंद्र वर्मा को राजनीतिक विषयों पर टिप्पणी करने से बचने की नसीहत दी है। चंद्रवंशी ने कहा कि आरक्षण को लेकर महाधिवक्ता का बयान पद की गरिमा और मर्यादा के विपरीत है। वैसे भी जब आरक्षण के मामले में जब सुनवाई हो रही थी उस दौरान महाधिवक्ता कोर्ट से नदारद थे।
                    चन्द्रवंशी के बयान के बाद कांग्रेस विधि प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष संदीप दुबे ने महाधिवक्त के समर्थन में कूद पड़े हैं। संदीप दुबे ने भाजपा विधि प्रकोष्ठ के संयोजक को आड़े हाथ लेते हुए कहा अनर्गल बातें करना बन्द करें। यह जानते हुए भी महाधिवक्ता का पद संवैधानिक होता है। बावजूद इसके उंगली उठाना चन्द्रवंशी को शोभा नहीं देता है।
              संदीप दुबे ने बयान में कहा कि बीजेपी अनर्गल बाते कहकर महाधिवक्ता को बदनाम कर रही है। महाधिवक्ता को प्रेस क्लब ने मेहमान के तौर पर बुलाया था। उन्होने पत्रकारों के आरक्षण  सम्बंधित सवालोंका जवाब विधि सम्मत जवाब दिया है। जवाब पूरी तरह से सटीक न्यायालीन दायरे मे है। पहले भी महाधिवक्ताओं को प्रेस क्लब जाने का अवसर मिला है। इस दौरान पहले के महाधिवक्ताओं ने पत्रकारों के तात्कालिक और ज्वलंत सवालों का जवाब दिए है। उस दौरान भाजपा नेताओं ने कुछ नहीं कहा।अब बात का बंतगण क्यों बनाया जा रहा है…सभी लोग जानते हैं।
                   संदीप दुबे ने बताया कि वर्तमान महाधिवक्ता की उच्च न्यायालय में हमेशा उपस्थिति रहती है। जब से सरकार ने ओबीसी के लिए आरक्षण का प्रतिशत बढ़ाया है, तब से भाजपा नेताओं को अपना वोट खिसकते नजर आ रहा है। अब उनकी हालत खिसियानी बिल्ली जैसी हो गयी है। महाधिवक्ता को बदनाम करने अनर्गल प्रलाप के साथ दुष्प्रचार किया जा रहा है। चन्द्रवंशी स्पष्ट करना होगा कि वह ओबीसी आरक्षण को बढ़ाए जाने का समर्थन में है या विरोध में। अगर उनकी पार्टी समर्थन करती है तो उच्च न्यायालय मे हस्तछेप याचिका फ़ाइल कर सरकार का समर्थन करें।

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