राजनीति का जवाब नहीं दूंगी..राज्यपाल अनुसुइया उइके ने कहा…केन्द्र को बताउंगी सुपेबेड़ा की समस्या…मुख्यमंत्री से है समन्वय

बिलासपुर—- राजनीतिक सवाल ना किया जाए…इस विषय पर मुझे कुछ नहीं बोलना है। मैं आदिवासी समाज के परिचय सम्मेलन में भाग लेने आयी। अच्छा लगा। नई फसल का स्वागत से लेकर आदिवासी समाज की अन्य गतिविधियों से जुड़े कार्यक्रम मेे शिरकत करने का मौका मिला। परिचय सम्मेलन में अन्य राज्य के आदिवासियों ने भी शिरककत किया। अनपी समस्याओं को भी रखा। यह बातें अल्प प्रवास पर बिलासपुर पहुंची राज्य पाल अनसुइया पेटल ने कही। राज्यपाल ने उच्च शिक्षा और सुपेबेड़ा में स्वास्थय व्यवस्था से जुड़े सवालों का भी जवाब दिया। लेकिन उन्होने अप्रत्यक्ष चुनाव के सवाल को ना केवल टाला। बल्कि स्पष्ट किया कि राजनीति से जुड़ी सवाल के जवाब का अभी समय नहीं है।

                 राज्यपाल अनुसुइया उइके बिलासपुर अल्प प्रवास के दौरान आदिवासी परिचय सम्मेलन में शिरकत किया। उन्होने बताया कि आज नवाखानी कार्यक्रम में भाग लिया। जीवन में नवाखानी के महत्व पर भी बताया। राज्यपाल ने कहा कि परिचय सम्मेलन में अन्य राज्यों केआदिवासियों ने भी शिरकत किया। अपनी समस्याओं को भी रखा।

                  सुपेबेड़ा मामले में क्या कुछ कहेंगी। सवाल के जवाब में राज्यपाल ने बताया कि सुपेबेड़ा में मरीजों की समस्या पुरानी है। यद्यपि शासन की तरफ से सुपेबेड़ा किड़नी मरीजों को लेकर बहुत काम किया गया है। मुझे भी जानकारी मिली। सवाल है कि स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य को लेकर क्या बेहतर हो सकता है। इब बात प्रयास किया जाए। आखिर किडनी समस्या का क्या कारण है पता लगाया जाए। मैं सुपेवेड़ा जाउंगी…पीडित परिवार के लोगों से व्यक्तिगत तौर पर मिलूंगी। समस्याओं को जानने का प्रयास भी करूंगी। मुख्यमंत्री ने इस दिशा में प्रयास किया है। चिंता भी जाहिर की है। लगातार प्रयास भी कर रहे हैं। मैं केन्द्र सरकार को भी मामले को संज्ञान में लाउंगी। एक्सपर्ट टीम की मांग करूंगी। पता लगाने का निवेदन करूंगी कि आखिर वजह क्या है। पता लगाया जाए।

                  सुपेबेड़ा जाने और हेलीकाप्ट पर राज्यपाल ने कहा 22 अक्टूबर को जा रही हूं। राज्य के पास दो प्लेन है। परिस्थियां कुछ ऐसी होती है कि प्लेन ठीक स्थिति में नहीं है। एक दिन पहले भोपाल में प्लेन खराब हो गया । जाहिर सी बात है कि उपलब्ध नहीं होगा। एक हेलीकाप्टर है। सीएम का व्यस्त कार्यक्रम होता है। ऐसी स्थिति में मामला फंस जाता है। सीएम से हमारी बातचीत होती रहती है। समन्वय से काम करते हैं। इन परिस्थितियों में जब मामला कोई गंभीर हो तो क्या राज्यपाल सड़क रास्ते दौरा नहीं करेगा। हमने इस बात को ध्यान में रखकर कहा है कि स्थिति परिस्थिति के अनुसार रोड से सुपेबेड़ा जाउंगी। यह बहुत सामान्य बात है। राज्यपाल के स्थान पर मानवीय आधार पर भी सोचा जाए।

                            उच्च शिक्षा के सवाल पर राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालयों में प्राध्यापकों की कमी है। 1384 पद निकाले गए हैं। जल्द ही समस्या दूर होगी। अनुसुइया पटेल ने कहा कि जानकारी मिली है कि हाईकोर्ट में मामला था। इसलिए भर्तियों में देरी हुई है। अब जल्द ही ठीक होगा।

          मेयर अप्रत्यक्ष चुनाव पर राज्यपाल ने स्पष्ट किया कि अभी राजनीति का प्रश्न नहीं। इसका जवाब नहीं दूंगी। नक्सल समस्या के सवाल पर भी टाल दिया।

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