ONLINE परीक्षा में नेटवर्क की तलाश… वीरेंद्र दुबे बोले – जमीनी हकीकत से बेखबर अफसर बनाते हैं उटपटांग योजनाएं

धनतेरस , पूर्व, शिक्षक ,संवर्ग , वेतन भुगतान,केन्द्र , 5% DA,राज्य कर्मचारी , त्यौहार ,पूर्व , सौगात ,सरकार, पँचायत संवर्ग , शिक्षाकर्मियों , DA,इस संवर्ग के लंबित सभी DA,संविलियन ,LB संवर्ग , शिक्षकों , वेतन,पँचायत ,LB संवर्ग , शिक्षकों, लंबित, एरियर्स, भुगतान,Shikshakarmi,virendra dubeyरायपुर।आज प्रदेश में सर्वाधिक चर्चा का विषय बनी शिक्षा विभाग द्वारा SLA के तहत teamsT एप के जरिये प्राथमिक के कक्षा पहिली और दूसरी के बच्चो का online परीक्षा का फरमान और उसको तामील करते सर्वर डाउन और नेटवर्क न होने से हलाकान शिक्षकों द्वारा छतों व पेड़ो पर चढ़ कर,गांव में नेटवर्क खोजते घूमना और अपने शिक्षकों को इस तरह नेटवर्क ढूंढते पालक और बच्चे सभी हैरान थे। प्रदेश में आये दिन सर्वर डाउन की शिकायत मिलती है।सीजीवालडॉटकॉम के व्हाट्सएप ग्रुप से जुडने के लिए यहाँ क्लिक कीजिये

आज भी गांवों में मोबाइल का नेटवर्क नही मिलता ऐसे में पूरे प्रदेश के प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों में ऑनलाइन परीक्षा लेने के इस फरमान की चौतरफा आलोचना हो रही है वैसे भी छोटे बच्चों के लिए प्रश्न पेपर उत्तर पुस्तिका सहित परीक्षा लेना ही उचित होता है।

शालेय शिक्षाकर्मी संघ के प्रांताध्यक्ष वीरेंद्र दुबे ने आज के घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि-TeamsT एप के जरिये कक्षा पहली और दूसरी के बच्चो की online परीक्षा लेने का निर्णय बिल्कुल अव्यवहारिक और अदूरदर्शिता पूर्ण निर्णय है। छोटी-छोटी बात पर सर्वर फेल होना,दूरस्थ अंचलों पर मोबाइल नेटवर्क का न होना,ऊपर से सीधा एप के जरिये ही online तत्काल बच्चों से प्रश्न पूछना यह दर्शाता है कि जिन टेबलों में इस तरह की योजनाएं बनती है।

उन्हें जमीनी जानकारियों का अभाव है। परीक्षा के लिए हमेशा प्रश्न पत्रों की व्यवस्था की जानी चाहिए। केवल प्रश्नों का pdf भेज कर कार्यालय अपनी जिम्मेदारियो को पूर्ण न समझे अपितु प्रत्येक बच्चो के लिए प्रश्न पेपर की व्यवस्था सुनिश्चित करे, अथवा पहले अपने वेवसाइट,एप,सर्वर,नेटवर्क आदि की समस्याओं को पहले दूर करे फिर ऑनलाइन परीक्षा ले।

अभी आयोजित परीक्षा व स्कूल के तमाम ऑनलाइन कार्यो के लिए शिक्षक के निजी मोबाइल और डेटा का उपयोग हो रहा है,इसलिए समस्त शिक्षकों को प्रतिमाह मोबाइल एलाउंस (भत्ता) शिक्षा विभाग प्रदान करे।

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