मोदी को देना ही होगा…अन्यथा..?..फिर बोले भक्त चरणदास…जोगी कम बोलें..इज्जत बनी रहेगी.

बिलासपुर— कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता और छत्तीसगढ़ के पर्यवेक्षक पूर्व केन्द्रीय मंत्री भक्त चरणदास ने कहा कि 15 नवम्बर को प्रदेश के किसानों के साथ समर्थन मूल्य की मांग को लेकर दिल्ली कूच करेंगे। मोदी सरकार को धान का समर्थन मूल्य 2500 रूपए देना ही होगा। अन्यथा..मोहन मरकाम ने गलत नहीं कहा है…हमारा आक्रोश है कि न्याय हर हालत में मिले। अन्यथा गंभीर परिणाम होंगे। सवाल जवाब के दौरान केन्द्रीय पर्यवेक्षक ने कहा..जोगी को कम बोलना चाहिए। ऐसा करने से उनकी मान मर्यादा इज्जत बनी रहेगी। 

धरना प्रदर्शन को समर्थन

                       धान का समर्थन मूल्य की मांग को लेकर कांग्रेस पार्टी 8 नवम्बर को प्रदेश में ब्लाक स्तर पर केन्द्र सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन कर रही है। आज पूर्व केन्द्रीय मंत्री और कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता भक्त चरणदास धरना प्रदर्शन को समर्थन देने एक दिनी प्रवास पर बिलासपुर पहुंचे। इसके पहले उन्होने धान के समर्थन मूल्य और केन्द्र से टकराहट की स्थिति को कांग्रेस भवन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान अवगत कराया। 

पंगु हुई आर्थिक व्यवस्था

               सवाल जवाब के दौरान भक्त चरणदास ने कहा कि बेशक देश में आर्थिक मंदी हो। लेकिन छ्त्तीसगढ़ में आर्थिक मंदी ने दम तोड़ दिया  है। बड़ी बड़ी बातें करनी वाली केन्द्र की मोदी सरकार ने देश की आर्थिक व्यवस्था को पंगु बना दिया है। हम भाजपा से क्यों पूछने जाएं कि धान का समर्थन मूल्य कितना होना चाहिेए। हमारे यहां धान का रिकार्ड उत्पादन होता है। हमें किसानों की मेहनत का सम्मान करना है। उनके धान उत्पादन को 2500 की दर से कांग्रेस सरकार ने खरीदने का फैसला किया है। साल 2014 मे मोदी सरकार ने स्वामीनाथन कमेटी की रिपोर्ट को लागू करने को कहा था। हमने भी यही कहा था। ऐसी सूरत में केन्द्र की भाजपा सरकार को किसानों के धान को 2500 के हिसाब से खरीदने में कोई दिक्कत नही आनी चाहिए।

केन्द्र सरकार ने दी धमकी

              साल 2002 में ऐसा ही हुआ था। प्रदेश के नेताओं को दिल्ली में गिरफ्तार किया गया। तस्वीर कुछ ऐसी बन रही है कि इस बार पुरानी घटना की पुनरावृत्ति होगी। सवाल के जवाब में भक्त चरणदास ने कहा कि जो होगी देखी जाएगी। हमने केन्द्र से समर्थन मूल्य मांगा है..देना या नहीं देना उनके हाथ में है। 2500 समर्थन मूल्य नहीं देने का अर्थ किसानों के साथ अन्याय है। लेकिन हम ऐसा नहीं होने देंगे। लेकिन केन्द्र सरकार का रूख अड़ियल है। उन्होने अपने प्रयास से धान  खरीदे जाने के बाद केन्द्रीय कोटे में चावल नहीं खरीदने धमकी दी है। 

किसानों में गहरा आक्रोश

             यदि नहीं खरीदा जाता है तो क्या मोहन मरकाम के आर्थिक नाकेबन्दी के बयान को सच माना जाए। भक्त चरणदास ने कहा..उन्होने सही कहा है। लोकतंत्र है…हमें अपनी बातों को रखने का अधिकार है। जब एक सीधा सादा इंसान मोहन मरकाम आक्रोश में आ सकते हैं तो समझा जा सकता है कि प्रदेश की जनता में केन्द्र की भाजपा सरकार के खिलाफ कितना आक्रोश है। चरणदास ने यह भी कहा कि हमें राज्य में बहुमत मिला है। भाजपा को  जनता और किसानों ने अपने हितों को लेकर केन्द्र सरकार बनाने के लिए बहुमत दी है। इसलिए केन्द्र सरकार को किसानों के हितों को मानना ही पड़ेगा। यदि ऐसा नहीं किया गया तो कांग्रेस पार्टी सख्त कदम उठाते हए आगे की रणनीति तैयार करेगी।

भाजपा के साथ किसान नहीं

                  जब आप दिल्ली कूच करेंगे…ठीक उसी समय भाजपा जेल भरो आन्दोन का शंखनाद करेगी। सवाल के जवाब में चरणदास ने कहा कि समझना होगा…क्या इस समय भाजपा के समर्थन में एक भी किसान है। जब किसान ही नहीं तो जेल भरो आन्दोलन का अर्थ ही क्या रह जाता है। 

लाखों युवा बेरोजगार..बैंक ने सोना रखा गिरवी

               भक्त चरणदास ने कहा कि नौकरी का सृजन नहीं हो रहा है। जीडीपी में कभी 6 प्रतिशत योगदान कृषि का हुआ करता था। आज जीडीपी में कृषि का योगदान 2 प्रतिशत रह गया है। कृषि उत्पाद में 6 प्रतिशत की बृद्धि देने की बात केन्द्र सरकार करती है। लेकिन सामाग्रियों में 17 प्रतिशत बृद्धि को जाहिर नहीं कर रही है। पिछले पांच सालों में रिजर्व बैंक को खोखला कर दिया गया। शर्म की बात है कि आपातकालीन रूपयों को पूंजीपतियों के बीच बांटकर टैक्स माफ किया गया। बैंक को सार्वजनिक होकर सोने को गिरवी रखना पड़ा है।

               चरणदास ने बताया कि कहां दो करोड़ प्रति साल रोजगार देने की बात मोदी करते थे। लेकिन यहां हर साल लाखों लोग बेरोजगार हो रहे है। बेरोजगरी की दर आठ प्रतिशत से अधिक हो चुकी है। जो पिछले 72 का रिकार्ड बन गया है।

भाजपा को खत्म होने की आशंका

          क्या केन्द्र सरकार प्रदेश के लिए अलग एमएसपी का निर्धारण कर सकती है। चरणदास ने कहा हां..यह संभव है। उन्हें करना पड़ेगा। उन्होने यह भी कहा कि किसानों ने केन्द्र सरकार की झूठ को पकड़ लिया है। झूठ को छिपाने के लिए 13 नवम्बर को जेल भरो आन्दोलन का एलान भाजपा नेताओं ने किया है। ऐसा इसलिए किया गया है कि कहीं भारतीय जनता पार्टी पूरी तरह खत्म ना हो जाए। दो मुंह वाली भाजपा नेता कह रहे हैं…एक तरफ कहते हैं कि 2500 में किसानों का धान खरीदो दूसरी तरफ कहते हैं कि हम समर्थन मूल्य नहीं देंगे। 

जोगी इज्जत बचाएं

                अजीत जोगी का कहना है कि कांग्रेस का दिल्ली कूच महज चुनावी स्टंट है। सवाल के जवाब में भक्त चरणदास ने कहा कि जोगी अब तो कम और सोच समझकर बोलने की आदत डालें। अन्यथा उनके अपनो में ही इज्जत नहीं रहेगी। अभी भी समय बचा है। 

         

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