जमीन सरकार की या निजी…कोर्ट आदेश को लोगों ने नकारा..बताया हुई कूटरचना की..पशोपेश में निगम

बिलासपुर— हेमूनगर कल्ताण समिति के लोगों ने निगम और कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर बताया कि सार्वजनिक जमीन को कूट रचना कर हथियाया गया है। कोर्ट को जमीन माफिया ने अंधेरे में रखकर फैसला किया है। निगम और जिला प्रशासन की जानकारी मेे आए बिना सासंस्कृतिक मंच को ना केवल तोड़ा गया। बल्कि बच्चों के उद्यान और पम्प हाउस पर भी कब्जा किया गया है। भूमापिय़ा से जमीन और उद्यान को जल्द से जल्द छुड़ाया जाए। यह बातें स्थानीय हेमूनगर के लोगों ने जिला और निगम प्रशासन से की। मामले में भाजपा और कांग्रेस नेताओं ने भी अपनी बातों को प्रशासन के सामने पेश किया।

                 जानकारी हो कि दो दिन पहले कोर्ट आदेश के बाद जमीन मालिक बृजमोहन दुआ ने हेमूनगर स्थित जमीन पर कब्जा किया। बताते चलें कि हेमूनगर की जमीन पर निगम ने स्थानीय लोगों के लिए उद्यान के अलावा सांस्कृतिक मंच का निर्माण किया है। साथ ही इसी जमीन पर पम्प हाउस का भी निर्माण किया गया है।

                स्थानीय लोगों ने कलेक्टर और निगम प्रशासन को बताया कि जमीन सरकार की है। मोहल्ले वासियों के निवेदन पर शासन ने 2006 में सड़क भी बनाया। हेमुनगर वासियों के अनुसार जमीन पर पिछले तीस चालिस साल से काली,गणेश,सरस्वती,समेत अनेक धार्मिक उत्सव का आयोजन किया जाता है। लोगों की मांग पर यहां स्थायी शेड का निर्माण निगम प्रशासन ने किया है। यहां साल में महिलाएं मिलकर पीस मेला का भी आयोजन करती हैं। यदि यह सब कुछ हुआ है तो इसका सीधा मतलब जमीन सरकार की है। लेकिन जमीन माफिया ने कूटरचना दस्तावेज पेश कर कोर्ट से जमीन को ना केवल अपना बनाया। बल्कि पुलिस के सहयोग से निर्माण कार्य के साथ तोड़ फोड़ किया। बाउंड्रीवाल के मुख्य दरवाजे पर ताला लगातार हक जमा लिया है।

             स्थानीय लोगों ने जिला और प्रशासन के सामने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि यहां समय समय पर प्रशासन का शिविर भी लगता है। शिविर में जलकल,संंपत्ति कर की वसूली होती है। बावजूद इसके जमीन का हथियाया जाना समझ से परे। स्थानीय लोगों के अनुसार शासन ने उद्यान,मंदिर, तमाम निर्माण कार्य के मद्देनजर हेमुनगर कल्याण समिति को पंजीयन भी किया है। पंजीयन के पदाधिकारियों ने कहा कि मामले की छानबीन हो। जमीन सरकार की है..इसलिए बेजाकब्जा करने वाले के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। 

                   मामले में मौके पर मौजूद कांग्रेस नेता अभय नारायण ने बताया कि यदि कोर्ट ने जमीन को बृजमोहन दुआ का होना कहा है । निर्माण कार्य को हटाने का आदेश दिया है। तो उचित ही होगा। लेकिन सवाल यह भी है कि आखिर मामले की जानकारी निगम और जिला प्रशासन को क्यों नहीं हुई। चूंकि मामला निगम,जिला प्रशासन और बृजमोहन दुआ के बीच का है। तो अतिक्रमण हटाने से पहले कोर्ट का आदेश और फैसले की जानकारी निगम और जिला प्रशासन को होनी चाहिए थी। लेकिन यहां ऐसा कुछ होता दिखाई नहीं दे रहा है। निगम को स्पष्ट करना होगा कि मामले को गंभीरता से क्यों नहीं लिया गया। यदि जमीन सरकार की नहीं है तो करोड़ों रूपए का निर्माण कार्य क्यों किया गया। इस दौरान रेलवे क्षेत्र के कांग्रेस नेता अजय यादव और एम.शेखर ने अपनी बातों को रखा। 

             स्थानीय लोगों के साथ नगर निगम सभापति और स्थानीय विधायक अशोक विधानी भी मौजूद थे। विधानी ने कहा कि शासन की उपेक्षा से जमीन माफियों का मनोबल बढ़ा है।

                              इस दौरान मौजूद

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