कमिश्नर और सभापति के खिलाफ कार्रवाई की मांग..लोगों ने कहा..अधिकारियों की भू माफिया से सांठ गांठ…कोर्ट को भी किया गुमराह

बिलासपुर— हेमुनगर कल्याण समिति के लोगों ने आज पुलिस और कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर पुलिस कार्रवाई का विरोध किया है। कल्याण समिति के सदस्यों ने बताया कि पिछले 20-25 साल से भूमि पर सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम का संचालन किया जा रहा है। लेकिन पुलिस और निगम प्रशासन ने मिलकर जमीन के निर्माण कार्य को बलात तरीके से हटाया। जबकि आदेश किसी दूसरे जमीन के लिए था। जानबूझककर जमीन माफिया को लाभ पहुंचाने के लिए कार्रवाई की गयी है। हमारी मांग है कि निगम कमिश्नर,मकबूल,बृजमोहन दुआ और स्थानीय पार्षद के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

               जिला प्रशासन और पुलिस कप्तान से मिलकर हेमूनगर कल्याण समिति के लोगों ने मयदस्तावेज अपनी शिकायतों को पेश किया। कल्याण समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि 13 अक्टूबर को उद्यान और सामाजिक सांस्कृतिक मंच को बलात तरीके से कोर्ट का हवाला देकर तोड़ा गया। जबकि कोर्ट ने किसी दूसरे जमीन से अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया है।

             स्थानीय लोगों ने बताया कि जिस स्थान पर तोड़फोड़ की कार्रवाई निगम और पुलिस प्र्शासन ने किया है दरअसल उस स्थान का जिक्रम कोर्ट के आदेश में है नहीं। कोर्ट ने अपने आदेश में सप्ष्ट किया है कि खसरा नम्बर 880/1 से बलात अतिक्रमण को हटाया जाए। लेकिन निगम प्रशासन ने जानबूझकर तोरवा पुलिस का सहारा लेकर खसरा नम्बर 865 पर बने निर्माण कार्य के खिलाफ कार्रवाई की है।

                   हेमूनगर कल्याण समिति के लोगों ने बताया कि 865 पर चार बोर है। जिनसे कालोनी की पानी सप्लाई होती है। उद्यान है..जहां स्थानीय बच्चे और वरिष्ठ नागरिक मनोरंजन करते हैं। इसी जमीन पर सांस्कृति भवन का निर्माण निगम प्रशासन ने ही किया है। मंदिर का भी निर्माण है। अब तक इस जमीन पर जन कल्याण के लिए निगम प्रशासन ने 70 लाख रूपए से अधिक खर्च किया है। 

                  मैदान में ही निगम प्रशासन जब तब शिविर का आयोजन करता है। बावजूद इसके गलत खसरा नम्बर के निर्माण कार्य को तोड़कर निगम प्रशासन ने आक्रोश पैदा किया है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि निगम प्रशासन के अधिकारियों ने जानबूझकर अधिकारों का दुरूपयोग किया है। जमीन माफियों से मिलकर सरकारी जमीन को बेदखल किया है। यदि बेदखल करना ही था तो निर्माण कार्य क्यों किया गया। इस पूरे प्रकरण में स्थानीय पार्षद अशोक विधानी की भी अहम भूमिका है। इसलिए तोरवा थाना प्रभारी,निगम कमिश्ननर और निगम सभापति के खिलाफ अपराध दर्ज किया जाए।

                   इस दौरान कल्याण समिति के प्रतिनिधिमण्डल ने जिला प्रशासन और पुलिस कप्तान को भूमि नक्शा भी दिखाया। बताया गया कि कोर्ट ने अतिक्रमण 880/1 से हटाने को कहा है। लेकिन निगम प्रशासन ने जानबूझकर पटवारी हल्का 22 में ही खसरा नम्बर 865 से निर्माण कार्य को तोड़कर बृजमोहन को कब्जे में दिया है। प्रतिनिधिमण्डल ने बताया कि यदि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती है तो हेमूनगर के लोग आमरण अनशन तक प्रदर्शन करेंगे।

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