CM भूपेश बघेल ने फिर दोहराया-प्रदेश सरकार अपने वायदे के अनुरूप 2500 रूपए प्रति क्विंटल के मान से खरीदेगी धान,लोगो से की ये अपील

बेमेतरा-मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि मनवा कुर्मी समाज प्रदेश के अन्य समाज की भांति कृषि पर निर्भर है। यदि समाज को आगे बढ़ाना है तो, शिक्षा और स्वास्थ्य के प्रति विशेष रूप से ध्यान देना होगा। स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मन का वास होता है। मुख्यमंत्री बेमेतरा जिले के बेरला ब्लाक के निकटवर्ती ग्राम बहेरा लिमाही चौक में छत्तीसगढ़ मनवा कुर्मी क्षत्रिय  समाज के धमधा राज के 74वें वार्षिक अधिवेशन को संबोधित करते हुए इस आशय के विचार व्यक्त किये। मुख्यमंत्री ने स्वामी आत्मानंद की प्रतिमा का अनावरण किया।  सीजीवालडॉटकॉम के व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक कीजिए

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक दिसम्बर से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का कार्य शुरू हो जाएगा। 2500 रूपए प्रति क्विंटल पर खरीदी होगी। किसानों के मन में किसी बात का संशय नही होना चाहिए, कि पूरा दाम मिलेगा या नहीं। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि केन्द्र को चिट्ठी लिखे है कि 2500 प्रति क्विंटल में धान खरीदी हो केन्द्र का कहना है कि यदि छ.ग. में किसानों से 2500 रूपए प्रति क्विंटल के मान से धान खरीदोगे तो प्रदेश का चावल नहीं लेंगे।

यदि केन्द्र चावल नहीं खरीदेगा तो चावल खराब होने की आशंका है। अन्न का अपमान बर्दाश्त नहीं होगा। आधा चावल पीडीएस दुकान को जाता है आधा चावल केन्द्रीय पुल में। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार का अपराध यही है कि किसानों का धान 2500 रूपए प्रति क्विंटल की मान से खरीद रही है। हर हाल में किसानों के खाते में 2500 रूपए पहुंचेगा। श्री बघेल ने कहा कि मै एक किसान का बेटा हूं, किसानों का दर्द समझता हूं।

मुख्यमंत्री ने की पैरा दान करने की अपील-अधिवेशन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने लोगों से गौठान हेतु पैरा दान करने का आव्हान किया। उन्होंने कहा कि खेत में पैरा को जलाने से धरती की उर्वरा शक्ति कम हो जाती है। धान के अपशिष्ट से हम वर्मी कम्पोस्ट एवं खाद बना सकते है। इससे फसल का उत्पादन बढ़ेगा। उन्होंने गौठान योजना के संबंध में कहा कि यह योजना सरकार के साथ-साथ इसमें गांव वालों की भी सहभागिता है। प्रदेश सरकार प्रत्येक गौठान समितियों को प्रति माह 10-10 हजार रूपए प्रदान करेगी।

गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि कोई भी व्यक्ति बड़े से बड़े पद पर पहुंच जाए तो हमें अपने संस्कार नहीं भूलना चाहिए। आज बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ संस्कार देने की बहुत ही जरूरत है। बड़ो का आदर सम्मान करना हमारी प्राचीन संस्कृति एवं परम्परा है। गृहमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा  प्रदेश के तीज-त्यौहार पर अवकाश घोषित कर छत्तीसगढ़ की संस्कृति को जीवित एवं संरक्षित रखने का प्रयास किया है। राज्य सरकार द्वारा डॉ. नरेन्द्र देव वर्मा द्वारा रचित अरपा पैरी के धार महा नदी हे अपार….. को राजगीत घोषित किया है। गृहमंत्री ने सामाजिक अधिवेशन के आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए अपनी शुभकामनाएं दी।

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