(रुद्र अवस्थी) चौसर-पासा,पचीसा,साँप-सीढ़ी,लुडो, शतरंज जैसे खेलों में दोनों तरफ से दाँव पर दाँव चलते-चलते एक ऐसी भी सूरत पेश आती है ,जब  आमने –सामने के खिलाड़ियों की जीत-हार का पूरा दारोमदार  आखिरी चाल पर टिका होता है…….। ताश के बावन पत्ते भी कभी-कभी बाजी को उस मुकाम पर पहुँचा देते हैं कि जीत-हार का फैसला आखिती