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महीनों बाद जागा नौकरशाह…पद्मश्री श्यामलाल से मांगा..जीने की निशानी…निधन पर नहीं मिला राजकीय सम्मान

बिलासपुर— डैडी फिल्म में एक गजल को अभिनेता अनुपम खेर मंच से गुनगुनाते हुए दिखाई देते हैं…गजल की लाइन कुछ इस प्रकार है कि आईना फिर मेरी पहली सी सूरत मांगी..मेरे अपने मेरे होने की निशानी मांगी। यह पंक्ति कही फिट बैठे या ना बैठे  लेकिन छत्तीसगढ़ के नौकरशाहों पर सौ प्रतिशत सटीक बैठती है।

पंडित जी के सपनों को करेंगे साकार…श्रद्धांजलि देने वालों का लगा तांता…संस्मरण को किया साझा

बिलासपुर— सोमवार को पद्मश्री स्वर्गीय श्यामलाल चतुर्वेदी को श्रद्धांजलि देने छत्तीसगढ़ राज्य लघु एवं सहायक उद्योग संघ के अध्यक्ष हरीश केडिया निवास स्थान पहुंचे। हरीश केडिया ने पंडित श्यामलाल के छाया चित्र पर पुष्प अर्पित कर सजल आंखों से याद किया। उनके योगदान को उपस्थित लोगों के साथ साझा किया।                                       इस दौरान संस्कृति विभाग

आखिर कौन सी अंतिम ईच्छा रह गयी अधूरी…पद्मश्री श्यामलाल ने किसकों पत्र लिखने को कहा था…विस्तार से पढ़ें

बिलासपुर—पद्मश्री श्यामलाल ने शुक्रवार की सुबह आठ बजकर 40 मिनट पर 93 साल की लम्बी यात्रा के बाद अंतिम सांस ली।  निधन का समाचार मिलते ही बिलासपुर समेत पूरा प्रदेश गमगीन हो गया। सभी ने अश्रुपूरित श्रद्धांजली देकर पद्मश्री श्यामलाल के योगदान को याद किया। लोगों ने उनके साथ बिताए अनभवों को साझा कर प्रदेश

पंचतत्व में विलीन हुए पद्मश्री श्यामलाल…प्रशासन और गणमान्य लोगों ने दी अंतिम विदाई…कहा..प्रदेश को अपूरणीय क्षति

बिलासपुर—पद्मश्री पंडित श्यामलाल पंचतत्व में विलीन हो गए। इसके पहले पद्मश्री का विधि विधान से अंतिम यात्रा निकली। शव यात्रा में शहर के गणमान्य लोग शामिल होकर पंडित श्यामलाल को अश्रुपूरित श्रद्धांजली भेंट की। जिला और पुलिस प्रशासन की तरफ से पंडित श्यामलाल के पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र अर्पित कर नमन् किया। सभी लोगों

Bilaspur-पद्मश्री पंडित श्यामलाल नहीं रहे..शुक्रवार सुबह ली अंतिम सांस..बिलासपुर ने खोया बहुमुखी प्रतिभा का धनी लाड़ला सपूत

बिलासपुर— पद्मश्री पंडित श्यामलाल चतुर्वेदी अब इस दुनिया में नहीं रहे। शुक्रवार की सुबह एक निजी अस्पताल में उन्होने अंतिम सांस ली। पंडित श्यामलाल के खोने से पूरा बिलासपुर स्तब्ध है। पिछले कुछ दिनों पद्मश्री श्यामलाल वेंटीलेटर पर थे। आज सुबह उन्होेने करीब आठ बजकर 40 अंतिम ली है। पंडित श्यामलाल के आकस्मिक निधन से

सीएम ने पूछा पद्मश्री श्यामलाल से कुशलक्षेम…शनिवार को होगा हिप ज्वाइंट का आपरेशन…दस सदस्यीय टीम करेगी इलाज

बिलासपुर—रायपुर स्थित रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल में भर्ती पद्मश्री पंडित श्यामलाल चतुर्वेदी का आपरेशन शनिवार को सुबह 9 से 10 के बीच किया जाएगा। मालूम हो कि 12 अक्टूबर को घर में गिरने से पद्मश्री श्यामलाल की कुल्हे की हड्डी में चोट आयी। परिजनों ने तत्काल इलाज के लिए स्थानीय निजी अस्पातल में भर्ती कराया। स्थिति

पद्मश्री बापट का मराठी युवा मंडल ने किया सम्मान…पुलिस कप्तान ने ..कहा–सामाजिक एकता में महाराषट्रीयन समाज का अहम योगदान

बिलासपुर—मराठी युवा मंडल ने मंगलवार शाम पद्मश्री दामोदर गणेश बापट का नागरिक अभिनंदन किया । पारिजात कॉलोनी स्थित गजानन मंदिर परिसर में आयोजित गरिमामय कार्यक्रम में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बीच पद्मश्री दामोदर गणेश बापट को अपने बीच पाकर मराठी समाज समेत सभी लोगों ने गौरवान्वित महसूस किया।                 चांपा स्थित कुष्ठ आश्रम के संस्थापक और

जब पद्मश्री पंडित श्यामलाल चतुर्वेदी ने कहा राष्ट्रपति जी….छत्तीसगढ़ी को दिलाएं राजभाषा का दर्जा…जीवन की एक-एक सांस और पल को इंतजार

नई दिल्ली(सीजीवाल)— बड़ा पत्रकार वह जो जनहित में मौका मिलते ही बेहतर तरीके से अपनी बातों को ना केवल रखे। बल्कि सामने वाले को अनुकूल जवाब देने को मजबूर भी कर दे। राष्ट्रपति भवन स्थित दरबार हाल में पद्म अलंकरण के दौरान…. छत्तीसगढ़ी राजभाषा आयोग के पहले अध्यक्ष पद्मश्री पंडित श्यामलाल चतुर्वेदी ने….सीजीवालसत्तर साल की

जब पंडित श्यामलाल से मिलकर ठहाका लगाई विदेश मंत्री..सुषमा ने पूछा हालचाल..हाथ जोड़कर पद्मश्री ने दिया जवाब

बिलासपुर– पद्मश्री अलंकरण के ठीक एक दिन पहले रिहर्सल प्रक्रिया के बाद शाम को दिल्ली में गृहमंत्री राजनाथ सिंह,विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री किरण रिजजू पद्म विभुतियों से रूबरू हुए। सभी लोगों से केन्द्रीय मंत्रियों ने कुशल क्षेम पूछा। क्षेत्र की जानकारी ली। अनुभवों को आपस में बांटा। बातचीत के बाद पंडित

2 अप्रैल को पद्मश्री से सम्मानित होगा बिलासपुर का लाल…पं.श्यामलाल चतुर्वेदी ने किया रिहर्सल..महेन्द्र सिंह धोनी भी हुए शामिल

नई दिल्ली– बिलासपुर की आन बान शान बन चुके पंडित श्यामलाल चतुर्वेदी.. सोमवार को देश के प्रथम नागरिक राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द के हाथों पद्मश्री से सम्मानित होंगे। रविवार दोपहर राष्ट्रपति भवन  के दरबार हाल में पंडित श्यामलाल चतुर्वेदी समेत 43 पद्म अलंकरण से सम्मानित होने वालों ने रिहर्सल किया। इस दौरान महान क्रिकेटर महेन्द्र सिंह

सरकार से नहीं…सामाजिक गतिविधियों से आता है बदलाव…अमर ने बताया…बापट और चतुर्वेदी को प्रदेश का धरोहर

बिलासपुर–स्वर्गीय लखीराम अग्रवाल सभागार में बिलासपुर सभाग के दो महान विभूतियों का सम्मान किया गया। अभिनंदन समारोह को संबोधित करते हुए प्रदेश के नगरीय निकाय मंत्री अमर अग्रवाल ने कहा कि सरकार का काम नीतियां बनाना और लागू करना है। कानूनव्यवस्था को चुस्त दुरूस्त रखना है। सामाजिक बदलाव सरकार से नहीं बल्कि सामाजिक गतिविधियों से

शिष्य ने कहा मुझे अपने गुरू पर अभिमान…सभी आरोप बेबुनियाद…आदिवासी समाज पद्मश्री श्यामलाल चतुर्वेदी के साथ

बिलासपुर– पद्मश्री श्यामलाल चतुर्वेदी के खिळाफ अपमानजनक और भ्रामक लिखन्त पढ़न्त के खिलाफ विभिन्न समाज के लोग सामने आने लगे हैं। भाजपा नेता संतकुमार नेताम पद्मश्री श्यामलाल चतुर्वेदी के समर्थन में सामने आ गए हैं। संत कुमार ने बताया कि पद्मश्री श्यामलाल बिलासपुर ही नहीं बल्कि छत्तीसगढ़ के आन बान शान हैं। भारत सरकार ने

किसी भी थाने में दर्ज नहीं पद्मश्री के खिलाफ आरोप…फिर भी बना दिया आरोपी..फोरम ने माना आवेदक ने की कूटरचना

बिलासपुर—92 साल की उम्र में पद्मश्री श्यामलाल चतुर्वेदी को ऐसा दिन देखना पड़ेगा शायद उन्हें भी इसकी संभावना नहीं रही होगी। फिर भी होनी को कौन टाल सकता है। पद्मश्री मिलने के बाद उनके खिलाफ धोखाधड़ी और घोटाला को लेकर जमकर लिखा पढ़ा गया। लिखने के पहले यदि अरूण कुमार कश्यप के आरोप दस्तावेजों को

अनोखी साजिश के शिकार हुए माटी पुत्र पद्मश्री श्यामलाल चतुर्वेदी…प्रकरण दर्ज नहीं…फिर भी उछाला गया कीचड़

   बिलासपुर—पत्रकारिता का पहला धर्म…लिखने के पहले तथ्य तक पहुंचे। लेकिन पद्मश्री श्यामलाल चतुर्वेदी के साथ लिखने से पहले ऐसा कुछ नहीं किया गया। सुनकर और तथ्यहीन तर्को के सहारे कुछ इस तरह की स्टोरी गढ़ दी गयी कि लोग झूठ को सच मानने को मजबूर हो गए। जिन दस्तावेजों को अाधार मानकर स्टोरी लिखी

पं.श्यामलाल चतुर्वेदी को पद्मश्रीःछत्तीसगढ़ का “असल चेहरा ” सम्मानित……

(रुद्र अवस्थी)छत्तीसगढ़ के माटीपुत्र पंडित श्यामलाल चतुर्वेदी को पद्मश्री पुरस्कार से  सम्मानित किया गया है। यह बिलासपुर और छत्तीसगढ़ का सम्मान है। क्योंकि श्यामलाल जी का व्यक्तित्व असल छत्तीसगढ़ से मेल खाता है और  उन्हे छत्तीसगढ़ का पर्याय कहा जाए तो अतिशयोक्ति नहीं होगी। उनके सम्मान से बिलासपुर -छत्तीसगढ़ सम्मानित हुआ है।CGWALL.COM  टीम की ओर