किम्स Archive

डीएफओ से तू-तू,मै-मै,…यूथ कांग्रेसियों ने कहा…सरकार पीड़ित परिवार को दे नौकरी

  बिलासपुर— सीसीएफ की गाड़ी से घायल दिनेश रजक की सिम्स में इलाज के दौरान मौत हो गयी। रजक का करीब डेढ़ महीना इलाज किम्स में चला। इसके बाद पन्द्रह दिन पहले उसे सिम्स में भर्ती किया गया। लेकिन उसने दो महीने तक जिन्दगी से दो-दो हाथ कर हार मान ली। परिजनों ने दिनेश रजक

सीसीएफ की बैठक में युंकाइयों का हंगामा..आनंद बाबू ने कहा..करेंगे मदद

   बिलासपुर—यूथ कांग्रेसियों के सामने आखिरकार सीसीएफ बी.आनन्द बाबू को घुटना टेकना ही प़ड़ा। यूथ कांग्रेसियों बैठक के बीच पहुंचकर एसीसीएफ और सीसीएफ का घेराव किया। जिसके कारण एसीसीएफ युनूस खान को बैठक बीच में ही खत्म करना पड़ा। इस दौरान कांग्रेसियों ने सरकार और वन प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पीड़ित परिवार के

रेलकर्मियोंं किया किम्स में इलाज कराने से इंकार…

बिलासपुर— रेलवे कर्मचारियों ने किम्स में इलाज करवाने से इंंकार कर दिया है। रेल कर्मचारियों ने किम्स से अनुबंध जोडने और अपोलो से तोड़ने का विरोध किया है। अपोलो से रिस्ता तोड़े जाने के खिलाफ सोमवार को रेलकर्मचारियों ने डीआरएम से मिलकर किम्स से रिश्ता तोड़ने की मांग कर अपोलो से दुबारा अनुबंध करने डीआरएम

किम्स ने बनाया लाश को बंधक…पुलिस में मामला दर्ज

बिलासपुर—घायल मरीज की किम्स में उपचार के दौरान देर रात मौत हो गई। मौत के बाद हॉस्पिटल प्रबंधन ने मृतक के परिजनों को लम्बा चौड़ा बिल थमा दिया। रुपये नहीं देने पर लाश को बंधक बना लिया। किम्स प्रबंधन ने ऐसे किसी बात से इंकार किया है। बहरहाल लाश को बंधक बनाने की घटना पर

वृद्ध की इलाज के दौरान मौत

बिलासपुर—दो दिन पहले बाराद्धार में पुरानी रंजिश के चलते एक युवक ने गांव के ही वृद्ध की रांड और डंडे से पिटाई कर दी। घायल ने उपचार के दौरान सिम्स में दम तोड़ दिया है।  मामले में पुलिस ने हत्या का मामला पंजीबंध किया है।                            पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार बाराद्घार निवासी दरस

किम्स के खिलाफ थाने में शिकायत..

बिलासपुर–अम्बिकापुर और अनुपपुर से  दुर्घटना से प्रभावित दो मरीजों की किम्स में मौत हो गयी है।  दोनो ही परिवार के सदस्यों ने किम्स प्रबंधन पर उपचार के दौरान लापरवाही का आरोप लगाया है। दोनो ही परिवारो का कहना है कि दुर्घटना के बाद घायलो की हालत समान्य थी। लेकिन किम्स प्रबंधन ने लापरवाही उपचार कर