बिलासपुर । ध्यान के बिना मनुष्य के जीवन में कुछ भी नहीं है। ध्यान ही सब कुछ है। ध्यान नहीं तो कुछ भी नहीं। मनुष्य को मनुष्यत्व का बोध ध्यान से ही होता है। जो इस बोध के साथ जीता है, वह ही मनुष्य होने का हकदार है। ये बातें स्वामी अशोक भारती ने सीजीवॉल