तरकश Archive

मंदी का असर

(संजय दीक्षित)  मंदी का असर बाजार एवं उद्योग पर ही नहीं पड़ा है। ट्रांसफर, पोस्टिंग का रेट भी गिर गया है। इतना कि आप हैरान रह जाएंगे। 25 से 50 हजार रुपए वाले ट्रांसफर अब 10 हजार पर आ गए हैं। खास कर नए और कमजोर विभाग वाले मंत्रियों का कोई रेट नहीं है। जो मिल

सीनियरिटी या प्रेशर?

संजय दीक्षित। सरकार ने आखिरकार बोर्ड, आयोगों के चेयरमैनों को लाल बत्ती की हसरत पूरी कर दी। हसरत इसलिए, क्योंकि चेयरमैन बनने के बाद बाकी चीजें पूरी हो जा रही थीं। घर-द्वार की चिंता तो उन्हें पहले भी नहीं थी। इनमें से शायद ही कोई होगा, जिसके पास राजधानी में दो-एक मकान नहीं होंगे। 12 साल

जरा बचके…

  (संजय दीक्षित)राजधानी रायपुर और उसके आसपास जिधर नजर डालों, उधर नौकरशाहों की जमीनें और फार्महाउसेज मिलेंगी आपको। मगर इनसे सौदा करना हो तो जरा बचके। क्योंकि, रायपुर के एक बिजनेसमैन ऐसा करके पछता रहे हैं। आईएएस ने बिजनेसमैन से 30 करोड़ में जमीन की डील की थी। 15 करोड़ रुपए एडवांस झटक लिया। मगर

भय बिन होत

[NewsBoard] संजय दीक्षित। फील्ड में रिजल्ट देने के नाम से पहचाने जाने वाले एक प्रिंसिपल सिकरेट्री काम में ढिलाई होेने पर छोटे अफसरों पर ही नहीं बरसते। बल्कि, मौका मिले तो आईएएस को भी नहीं छोड़ते। हाल ही की बात है। मीटिंग के दौरान बैड पारफारमेंस पर पीएस मातहत आईएएस पर बुरी तरह उखड़ गए। उन्होंने

आईपीएस वर्सेज आईएफएस

(संजय दीक्षित)अशोक जुनेजा के खुफिया चीफ बनने के बाद स्पोट्र्स कमिश्नर का पोस्ट वैकेंट हो गया है। इस पोस्ट के लिए सरकार की मेरिट में चार नाम हैं। दो आईपीएस, दो आईएफएस। आईपीएस में राजीव श्रीवास्तव और जीपी सिंह और आईएफएस में संजय शुक्ला और राकेश चतुर्वेदी। राजीव श्रीवास्तव पहले भी डायरेक्टर स्पोट्र्स रह चुके