(रुद्र अवस्थी) “जिसने भारतीय सिनेमा के अंदर जिंदगी का सचमुच अहसास किया हो..। जो सिनेमा में जीवंतता के बहाव में खुद गोता लगाता हो और इसके गहरे पानी पैठ –एक अदद मोती ही नहीं , अलबत्ता मोतियों का गुच्छा निकाल लाने का हुनर जानता हो..। जो सिनेमा को दुनिया का सबसे ताकतवर-असरकारक मीडिया मानता हो..।जिसे अच्छे