बिलासपुर(सीजीवाल)।रहीम खान-ए-खाना ने लिखा है कि रहिमन पानी राखिए..बिन पानी सब सून…।  कमोबेश सभी लोगों ने दोहा को कई बार पढ़ा और सुना होगा..लेकिन बहुत कम लोगों ने ही इसे समझा और लढ़ा होगा। जिन्हें रुपयों की भूख थी उन्होने केवल पढ़ा- लेकिन लढ़ा नहीं…। पानी का मोल समझा नहीं..। क्योंकि तालाब लढ़े लोगों ने