बिलासपुर—(प्राण चड्ढा)– बैगा आदिवासियों के हकों के लिए लड़ने वाली रश्मि द्विवेदी का आज लोरमी में अंतिम संस्कार कर दिया गया। रश्मि लगभग 55 साल की थीं। सारा जीवन आदिवासियों,दलित शोषितों के लिए संघर्षरत रहीं। फेसबुक प्रोफाइल में रश्मि की फोटो लगी है जो किसी बैगा आदिवासी युवती की है। साल 85 के आसपास रश्मि