बिलासपुर । संगीत कला की ऐसी विधा है- जो अगर किसी के शौक में शामिल हो……अगर किसी के दिलो-दिमाग में शामिल हो…….अगर किसी के रग-रग में शामिल हो…..अगर किसी की पारिवारिक परंपरा में शामिल हो ……. तो वह चाहे अबोध – मासूम बच्चा ही क्यों न हो, संगीत का जादू खेल-खेल में भी उसे अलग