बिलासपुर—अजब है लेकिन सच है। कुदरत का करिश्मा कहें..या जीने की जीजीविषा…या कहें..जाको राखे साइयां..मार सके ना कोय…। और यदि इसे हम सिम्स डाक्टरों की उपलब्धी कहें तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी। जी हां कुछ ऐसा ही करिश्मा बिलासपुर स्टेशन और बाद में सिम्स में इलाज के दौरान हुआ है। रेल के नीचे आने से