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इतना खाया कि शौचालय को भी नहीं छोड़ा…ग्रामीणों ने बताया..सरपंच ने लाखों रूपयों पर किया हाथ साफ..

घोघरा गांव….बरसात में मौत मतलब दोहरी मार…72 साल से अदद श्मशान घाट की मांग…इंजीनियर को पता ही नहींं

तखतपुर—( टेकचंद कारड़ा)–आजादी के 72 साल बाद भी एक गांव ऐसा भी है जहां आज भी एक सर्वसुविधायुक्त अदद श्मशान घाट की जरूरत है। गर्मी और ठण्डी में तो काम किसी तरह निपट जाता है। लेकिन बरसात स्थानीय लोगों की परम्पराओं पर भारी पड़ता है। यदि बारिश के मौसम में यदि किसी का देहान्त हो