बिलासपुर–पवित्र ग्रंथों और जनमानस से हमेशा पढ़ने और सुनने को मिला…गुरू ही ब्रम्हा है..गुरू ही विष्णु है..गुरू ही महेश हैं..गुरू साक्षात पारब्रम्ह परमेश्वर हैं..ऐसे गुरूदेव को साक्षात प्रणाम है। आज श्लोक का सारा मर्म समझ में आने लागा है। ..जब परमहंस स्वामी शारदानंद सरस्वती जी हमारे बीच में साक्षात नहीं है। सीजीवाल परिवार गुरूदेव को