बिलासपुर—92 साल की उम्र में पद्मश्री श्यामलाल चतुर्वेदी को ऐसा दिन देखना पड़ेगा शायद उन्हें भी इसकी संभावना नहीं रही होगी। फिर भी होनी को कौन टाल सकता है। पद्मश्री मिलने के बाद उनके खिलाफ धोखाधड़ी और घोटाला को लेकर जमकर लिखा पढ़ा गया। लिखने के पहले यदि अरूण कुमार कश्यप के आरोप दस्तावेजों को