बिलासपुर– जल ही जीवन है…कहने को तो पृथ्वी के दो तिहाई भाग पर जल है। लेकिन पीने योग्य जल सिर्फ दो प्रतिशत ही है। इसका संरक्षण और संवर्धन हमारी जिम्मेदारी है।यदि हमने अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन ठीक से नहीं किया तो आने वाली पीढियां हमें माफ नहीं करेंगी। क्योंकि मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि