RAMKATHA Archive

रामकथा के अंतिम दिन….मंत्री झूमें,संत्री झूमा…झूमा संत समाज…हाथ उठा नर नारी झूमें…बोले जय रघुनाथ

  बिलासपुर— रामकथा के अंतिम दिन पंडाल को एक साथ झूमते देका गया…हजारों हाथ की तालियों से आसमान गूंज उठा। चारो तरफ केवल एक ही नाम गूंंज रहा था….राम । ऐसा हो भी क्यों ना…. क्योंकि भगवान राम चौदह साल बाद वनवास खत्म कर अयोध्या लौट रहे थे। भरत अयोध्या में मुनादी कर रहे थे…भगवान

गले मिलते रो पड़े हिन्दू-मुस्लिम…कहा धर्म में नफरत का स्थान नहीं….भावुक संत ने बोला…हमने देखा भरत का राम मिलाप

  बिलासपुर—बिलासपुर की धरती ने एक बार फिर समरसता और बन्धुत्व का परिचय दिया है। अंधविश्वास और रूढियों की बेड़ियों को तोड़कर मुस्लिम भाइयों  ने वह कर दिखाया जिसे लोग या तो किताबों में पढ़ते हैं या फिर सूफियों और संतों के मुंह से सुनते हैं। जी हां ऐसा कमाल या तो बिलासपुर के मुस्लिम

गलतियों की पुनरावृत्ती ठीक नहीं…राम कथा के दूसरे दिन विजय कौशल ने कहा…भगवान ने नहीं इंसानों ने बांटा

बिलासपुर– राम कथा के दूसरे दिन संत विजय कौशल महाराज ने भगवान राम और लक्ष्मण के साथ ऋषि विश्वामित्र के प्रसंग को भक्तों के सामने रखा। इस दौरान भक्तों ने कथा सागर में जमकर डुबकी लगाई। संत शिरोमणि ने आम जन जीवन से जुड़ी तमाम विसंगतियों को बखूबी के साथ पेश किया। संदेश भी दिया

कलश स्थापना के साथ शुरू होगा सत्संग…कार्यालाय उद्घाटन के बाद …आयोजन समिति ने किया काम का बंटवारा..

बिलासपुर— रामकथा का आयोजन लालबहादुर शास्त्री मैदान में किया जाएगा। श्रद्धालु लोग 28 जनवरी से 4 फरवरी तक प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे के बीच विजय कौशल महाराज के श्रीमुख से श्रीराम कथा का आनंद लेंगे। आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं।                       रामकथा आयोजन