तखतपुर—( टेकचंद कारड़ा)–आजादी के 72 साल बाद भी एक गांव ऐसा भी है जहां आज भी एक सर्वसुविधायुक्त अदद श्मशान घाट की जरूरत है। गर्मी और ठण्डी में तो काम किसी तरह निपट जाता है। लेकिन बरसात स्थानीय लोगों की परम्पराओं पर भारी पड़ता है। यदि बारिश के मौसम में यदि किसी का देहान्त हो