(गिरिज़ेय) छत्तीसगढ़ के दूसरे सबसे बड़े शहर बिलासपुर में एक जनर्लिस्ट के रूप में समाज को हमेशा संवेदनशील नजरों से देखने वाले और एक सिद्धहस्त कार्टूनिस्ट के रूप में समाज की पूरी व्यवस्था को बारीक नजरों से समझने – बूझ़ने वाले हमारे साथी प्रदीप आर्य को शायद कभी इस बात का अंदाज नहीं रहा होगा कि वह खुद भी