हवाई सेवा संघर्ष समिति ने कहा-Bilaspur Airport जमीन मामले मे उड्डयन मंत्री को गुमराह कर रही AAI

बिलासपुर। हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने हाल में ही दिए गए नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा उस बयान पर वस्तुस्थिति साफ की है जिसमें मंत्री ने बिलासपुर एयरपोर्ट की मूल जमीन लगभग 350 एकड़ को एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की संपत्ति बताते हुए राज्य सरकार से उसके हस्तांतरण की मांग की है। समिति ने तथ्यों को स्पष्ट करते हुए कहा कि उक्त जमीन पूर्णत राज्य सरकार की संपत्ति है और इस संबंध में मिसल बंदोबस्त रिकॉर्ड में केंद्र सरकार के द्वारा 1966 में जारी आदेश का स्पष्ट उल्लेख है। LATEST अपडेट के लिए हमारे TELEGRAM GROUP से जुड़े,क्लिक करे यहाँ

हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने आगे बताया कि बिलासपुर एयरपोर्ट रॉयल ब्रिटिश आर्मी के द्वारा 1942 में बनकर तैयार हुआ था। आजादी के बाद यह केंद्र को व्यवस्थापन के लिए हस्तांतरित हो गया लेकिन भारत सरकार ने यहां आर्मी या वायु सेना का केंद्र नहीं बनाया। 1966 में यह एयरपोर्ट और जमीन विधिवत राज्य सरकार को हस्तांतरित हो गई और तब से यह राज्य सरकार की अब विवादित संपत्ति है। 1966 के पहले से ही उक्त भूमि की पांच साला खसरा में एंट्री एरोड्रम के नाम से है और 385 में से लगभग 56 एकड़ में डीजीसीए लिखा है लेकिन यह खसरे एयरपोर्ट की बाहर की जमीन के हैं।

साल 2011 में जब सेना को जमीन अधिग्रहण की जा रही थी ,उस वक्त एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया को सर्वे के लिए बुलाया गया था।तब डीजीसीए के उत्तराधिकारी होने के नाते एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने तहसीलदार के समक्ष एयरपोर्ट की 385 एकड़ भूमि अपने नाम करने का आवेदन कर दिया था। तब के तहसीलदार ने बिना पुराना रिकॉर्ड और मिसल बंदोबस्त के जांच किए उक्त आवेदन स्वीकार कर पूरी जमीन एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के नाम दर्ज करने का आदेश दे दिया था।

यह आदेश जब कलेक्टर और उच्च अधिकारियों की जानकारी में आया तब पूरा रिकॉर्ड छाना गया और यह बात सामने आई कि 1966 से ही एयरपोर्ट की 385 एकड़ जमीन राज्य सरकार की है। और राज्य सरकार ही एयरपोर्ट का संचालन और मेंटेनेंस कर रही है।

इस स्थिति में एसडीएम के समक्ष तहसीलदार के आदेश के विरुद्ध एक अपील शासकीय रूप से प्रस्तुत की गई थी।जिसमें एसडीएम ने तहसीलदार का आदेश निरस्त कर पूरी जमीन राज्य सरकार के निर्देश दिए। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने इसमें भाग लिया लेकिन इस आदेश के विरुद्ध कोई अपील आगे प्रस्तुत नहीं की।

इसके बावजूद एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के द्वारा 2011 के उक्त तहसीलदार के आदेश को दिखाकर नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और सभी संबंधित जनों को लगातार गुमराह किया जा रहा है।आज महा धरने में आगमन के क्रम से बद्री यादव ,गोपाल दुबे, ओम प्रकाश शर्मा, दीपक कश्यप, मनोज श्रीवास्तव,चित्रकान्त श्रीवास, राकेश शर्मा, केशव गोरख,संजय पिल्ले, महेश दुबे, नरेश यादव ,अनिल गुलहरे, हनुमान प्रसाद ,संत कुमार नेताम चंद्र प्रकाश जयसवाल, रंजीत सिंह ,मोहन जायसवाल, संदीप यादव, श्याम लाल पटेल, विजय वर्मा ,संतोष पीपलवा ,विकास जायसवाल ,सुशांत शुक्ला, मोहसीन अली,अकील अली और सुदीप श्रीवास्तव शामिल थे।

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